आवंटन के इंतजार में बदहाल हो गए 400 कांशीराम आवास
- वलीपुरा नहर के पास वर्ष 2010 में 12 करोड़ की लागत से बसपा सरकार में बनाए गए थे आवास
- सत्ता परिवर्तन के बाद आवंटन के लिए लोगों को जगी थी आस
- भाजपा सरकार ने बीडीए अफसरों को दिए थे कार्य पूरा करने के आदेश
- प्रशासनिक अफसरों की उदासीनता के चलते अब तक नहीं हुआ आवंटन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए बसपा सरकार में कांशीराम आवास योजना के तहत बनाए गए करीब 400 मकान आवंटन के इंतजार में बदहाल हो चुके हैं। प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही के कारण 12 करोड़ की लागत से बनी बिल्डिंग में अब तक मकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। वहीं, गंदगी से अटे पड़े मकानों की साफ सफाई और मरम्मत के लिए अब अफसरों के पास धनराशि भी नहीं बची है।
नगर के वलीपुरा नहर के पास बसपा शासन में गरीब वर्ग के लोगों को मकान उपलब्ध कराने के लिए कांशीराम आवास योजना के तहत 400 मकानों का निर्माण कराया गया था। योजना के लिए शासन ने 13 करोड़ रुपये की धनराशि बुलंदशहर विकास प्राधिकरण को जारी की थी। मकानों का निर्माण पूरा होने के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और मकानों के आवंटन की प्रक्रिया अधर में लटक गई। बसपा शासन के बाद दो बार सत्ता परिवर्तन हो चुका है, लेकिन हर बार आवास आवंटन के नाम पर केवल जुमलेबाजी की जाती रही है। गत वर्ष प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई तो आवासों की मरम्मत के लिए बीडीए अफसरों को आदेश दिए गए, लेकिन आदेश फाइलों में दबकर रह गए।
पानी की टंकी और तार तक हो चुके हैं चोरी
आवासों की हालत एकदम खस्ता हो चुकी है। आलम यह है कि मकानों में लगाई गई पानी की टंकी और बिजली के तारों को भी लोग निकालकर ले जा चुके हैं। देखरेख न होने के चलते चार मंजिला इमारत खंडहर के रूप में दिखाई दे रही है।
एक करोड़ की धनराशि हुई थी वापस
कांशीराम आवास योजना के तहत 400 आवासों के निर्माण के लिए शासन ने 13 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की थी। मकानों के निर्माण पर विभाग द्वारा करीब 12 करोड़ की धनराशि खर्च की गई थी। शेष बची एक करोड़ रुपये की धनराशि को शासन ने वापस मंगा लिया था। इसके चलते अब अफसरों के पास मरम्मत के लिए धनराशि शेष नहीं है।
आवेदन हुए जमा, नहीं हुआ आवंटन
कांशीराम आवास योजना के तहत मकानों के आवंटन के लिए जिला प्रशासन ने आवेदन मांगे थे। आवेदन जमा करने के लिए हजारों लोगों की भीड़ दफ्तर में लगी, लेकिन अब तक प्राप्त आवेदन पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
कोट
मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष बची करीब एक करोड़ की धनराशि शासन को वापस की जा चुकी है। आवंटन का कार्य जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। - ज्ञानेंद्र वर्मा, सचिव, बुलंदशहर विकास प्राधिकरण