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50 वर्षों से रह रहे हैं साहब...अब कहां जाएं

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50 वर्षों से रह रहे साहब...अब कहां जाएं
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- अनूपशहर क्षेत्र की नेतानगर बस्ती को खाली कराने का नोटिस जारी
फोटो
- 1971 में तत्कालीन प्रधान और प्रशासनिक अफसरों ने दलितों को आवंटित की थी भूमि
- वर्तमान में बस्ती में रह रहे हैं दलितों के करीब 200 परिवार
अमर उजाला ब्यूरो
अनूपशहर (बुलंदशहर)।
नेतानगर दलित बस्ती को खाली कराने के लिए जारी किए गए नोटिस से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। करीब दो हजार आबादी वाले क्षेत्र में तहसील प्रशासन द्वारा जारी किए नोटिस से अफरातफरी है। बुजुर्ग और बच्चे अफसरों से गुहार लगा रहे हैं कि साहब क्षेत्र में 50 वर्षों से रह रहे हैं ऐसे में जाएं तो कहां जाएं।
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तहसील के गांव सलामतपुर की गाटा संख्या 706स में सरकारी सुविधाओं से युक्त नेतानगर के नाम से दलित बस्ती बसी हुई है। स्थानीय निवासी 80 वर्षीय छोटे सिंह पुत्र महराम नेेेे तहसील प्रशासन द्वारा दिए गए नोटिस को दिखाते हुए बताया कि साहब 50 सालों से हम यहां रह रहे हैं। 1971 में तत्कालीन ग्राम प्रधान रनवीर सिंह ने तहसील और ब्लॉक अफसरों के साथ मिलकर दलित लोगों के लिए भूखंडों का आवंटन किया था। सभी को 150 गज का प्लॉट दिया गया था। हालांकि उस समय लोगों को कम जानकारी के चलते उन्हें कोई दस्तावेज नहीं दिया गया था। धीरे-धीरे बस्ती की आबादी बढ़ी और वर्तमान में बस्ती में 200 परिवारों के करीब दो हजार लोग रह रहे हैं। अब तहसील प्रशासन द्वारा बस्ती की जमीन को चारागाह की जमीन बताते हुए खाली करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। ऐसे में अब असमंजस की स्थिति है कि अब कहां जाएं। एसडीएम सदानंद गुप्ता ने बताया कि नेतानगर बस्ती चारागाह की भूमि पर बसी हुई है। शासन के निर्देशानुसार ही सरकारी जमीन को अवैध कब्जा मुक्त कराने के लिए नोटिस जारी किए हैं। फिलहाल आबादी वाली जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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