जिले की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 84 करोड़ बकाया
- 422 करोड़ की खरीद के सापेक्ष 358 करोड़ का किया है भुगतान
- 14 दिन के भीतर किसानों को करना होता है भुुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 84 करोड़ बकाया चल रहा है। समय पर भुगतान न करने पर अब बकाया धनराशि पर मिलों को ब्याज देना होगा। अब तक मिलों ने 422 करोड़ का गन्ना खरीद लिया है। इसके सापेक्ष 358 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया है। जबकि शासन का आदेश है कि 14 दिन के भीतर किसानों के गन्ने का भुगतान होना चाहिए।
अनामिका चीनी मिल, वेव शुगर मिल, अनूपशहर चीनी मिल और साबितगढ़ चीनी मिल गन्ना खरीद कर रही हैं। वेव शुगर मिल जनवरी माह में चली थी, तीन मिल समय पर शुरू हो गई थी। जिले का गन्ना हापुड़ की ब्रजनाथपुर मिल और गंगापार रजपुरा मिल भी खरीद रही है। जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार जिले की चारों मिल अब तक 422 करोड़ रुपये का गन्ना खरीद चुकी हैं। जबकि इन मिलों ने इस राशि के सापेक्ष अब तक 358 करोड़ की राशि का भी किसानों को पेमेंट किया है। चारों मिलों पर अब किसानों का 84 करोड़ रुपया बकाया है। जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह का कहना है कि चीनी मिलों ने शासन के आदेशानुसार 14 दिन के अंतराल में गन्ना किसानों का भुगतान नहीं किया। उन्होंने देरी से भुगतान करने पर मिलों को किसानों की बकाया राशि का पेमेंट ब्याज सहित करने के आदेश दिए हैं।
मिलों द्वारा किया गया भुगतान और शेष राशि का ब्योरा
साबितगढ़ चीनी मिल ने 15 फरवरी तक का भुगतान कर दिया है, जबकि 30.93 करोड़ की राशि बकाया है। अनामिका ने 22 फरवरी तक का भुगतान कर दिया और अब 12.59 करोड़ की राशि बकाया है। अनूपशहर चीनी मिल ने 30 जनवरी तक का भुगतान किया है और अभी 25 करोड़ की राशि का भुगतान शेष है। इसी तरह वेव शुगर मिल ने 10 फरवरी तक का भुगतान कर 16.66 करोड़ का भुगतान रोक रखा है।
चीनी मिलों को अभी खरीदना होगा 80 लाख क्विंटल गन्ना
- अब तक 2.10 करोड़ क्विंटल गन्ने की जिलेे में हुई खरीद
- समय से गन्ना खरीदने के लिए शासन ने जारी किए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले की चीनी मिलों द्वारा अब तक 2.10 करोड़ कुंतल गन्ना खरीदा गया है। अभी करीब 80 लाख क्विंटल गन्ना और खरीदना है। शासन ने समय से गन्ना खरीदने के साथ मिलों को आदेश जारी किए हैं कि गन्ना समाप्त होने तक मिल चालू रखें।
जिले में इस बार गन्ने का रकबा 54 हजार हेक्टेयर से अधिक रहा। जबकि गन्ना उत्पादन का अनुमान चार करोड़ क्विंटल से अधिक आंका गया था। जिले की अनामिका चीनी मिल, वेव शुगर मिल, अनूपशहर चीनी मिल और साबितगढ़ चीनी मिल को करीब तीन करोड़ गन्ना पेराई का लक्ष्य दिया गया था। शेष गन्ना ब्रजनाथपुर और रजपुरा मिल को दिया गया। इसमें से गन्ने का प्रयोग पशु चारा और गुड़ आदि बनाने में भी किया गया। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के रजिस्टर में अब तक जिले की मिलों द्वारा 2.10 करोड़ कुंतल गन्ना खरीद लिया गया है, जबकि 80 लाख कुंतल और गन्ना खरीद की संभावना जताई जा रही है। जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि शासन का आदेश है कि गन्ना समय पर खरीदा जाए और मिल तब तक चलती रहेंगी, जब तक सभी गन्ना खरीद न लिया जाए। इस आदेश से सभी मिलों को अवगत करवा दिया है। ब्यूरो
माफिया हावी, गन्ना किसान परेशान
- मिल प्रबंधक को फोन कर धमकी देकर मांग रहे पर्ची
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिले के गन्ना किसान पर्ची के लिए परेशान हैं और माफिया हावी हो रहे हैं। वह अब मिल प्रबंधक को फोन पर धमकी देकर पर्ची मांगने से भी पीछे नहीं हट रहे। जिला गन्ना अधिकारी का दावा है कि माफियाओं पर शिकंजा कसा जाएगा।
जब से जिले की चीनी मिल शुरू हुई हैं तब से लेकर अब तक समय-समय पर गन्ना माफियाओं के कारनामे सामने आते रहे हैं। गन्ना माफिया किसी न किसी तरह से पर्ची पाकर कम रेट में किसानों से गन्ना खरीद कर मिल में ज्यादा रेट पर बेचकर कमाई करने में जुटे हुए हैं। पिछले दिनों वेव शुगर मिल के प्रबंधक को धमकी मिली थी और जबकि इसकी जांच की गई तो पता चला कि जिस व्यक्ति ने फोन पर धमकी दी थी, उसके नाम न तो जमीन है और न ही उसका बांड है। हालांकि इस मामले में पूर्व में ही कार्रवाई हो गई और अधिकारी भी सजग हो गए। वेव शुगर मिल के प्रबंधक केपी सिंह ने बताया कि उनके पास रोजाना धमकी देने वाले फोन आ रहे हैं। फोन करने वालों की धमकी होती है कि या तो उन्हें पर्ची जारी करें, अन्यथा मिल में आकर अंजाम देने से पीछे नहीं हटेंगे। इससे उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी को अवगत करवा दिया है। जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह का कहना है कि धमकी देने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है और मिल उन्हीं किसानों को पर्ची जारी करेगा, जिसके बांड भरे हुए हैं। विभागीय अफसरों की माफियाओं पर नजर है। ब्यूरो