ई-हॉस्पिटल योजना से गरीब मरीजों की मिलेगी निशुल्क सलाह
- महिला अस्पताल को बनाया जाएगा ई-हॉस्पिटल
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। देहात क्षेत्रों में स्थित सीएचसी-पीएचसी पर महिला चिकित्सक न होने पर बेहतर सुविधाएं देने के लिए शासन ने महिला अस्पताल को ई-हॉस्पिटल बनाने की ओर कदम बढ़ाया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर योजना को सफल बनाने में जुट गए हैं। एनआईसी के सहयोग से जल्द ही सरकारी अस्पतालों को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
शासन अब सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं देने के लिए योजनाएं बना रहा है। सीएचसी-पीएचसी पर महिला मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन ने ई-हॉस्पिटल योजना के आदेश जारी कर शीघ्र ही सेवाएं देने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत महिला अस्पताल में तैनात एमबीबीएस और स्पेशलिस्ट चिकित्सकों द्वारा सीएचसी-पीएचसी पर आने वाली महिला मरीजों को उपचार संबंधी सलाह दी जाएगी। इससे सीएचसी-पीएचसी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी विपरीत परिस्थितियों में विशेषज्ञों की सलाह से मरीजों का उपचार कर सकेंगे। अधिकतर सरकारी चिकित्सालयों में चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती नहीं है। ई-हॉस्पिटल योजना शुरू होने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सक महिला अस्पताल में बैठकर सीएचसी-पीएचसी के मरीजों का हाल देखने के साथ उपचार कर सकेंगे। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि ई-हॉस्पिटल के लिए शासन ने निर्देश जारी किए हैं। शासन के निर्देश पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जल्द ही इस सेवा का लाभ जिले के सीएचसी-पीएचसी पर महिला मरीजों को मिलने लगेगा।
जैम पोर्टल बनी समस्या
महिला अस्पताल का जैम पोर्टल पर अकाउंट न होने की वजह से ई-हॉस्पिटल बनाने के लिए सामान खरीदने में परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सीएमओ ने अपने स्तर से ई-हॉस्पिटल के लिए जरूरी सामान मुहैया कराने के आदेश जारी कर दिए हैं।