अब डेस्क बेंच पर बैठेंगे परिषदीय स्कूलों के बच्चे
- डेस्क-बेंच क्रय के लिए अनुपूरक बजट के माध्यम से 50 करोड़ रुपये जारी
- जिला प्रशासन को मिले डेस्क-बेंच खरीदने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को जल्द ही टाट-पट्टी से मुक्ति मिलने वाली है। वह अब डेस्क-बेंच पर बैठकर पढ़ाई करेंगे। इसके क्रय के लिए शासन ने अनुपूरक बजट के माध्यम से 50 करोड़ रुपये जारी किए हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि इस राशि में से बुलंदशहर को कितनी राशि मिलेगी।
परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को निशुल्क शिक्षा, पाठ्यक्रम, बस्ता, दोपहर का भोजन, स्वेटर, जूते और मोजे आदि उपलब्ध करवाया जाता है। अब तक कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चों को स्कूलों में डेस्क-बेंच की सुविधा है। अधिकतर स्कूल ऐसे हैं, जहां अब तक बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर ही शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अब शासन ने सभी परिषदीय स्कूलों में डेस्क-बेंच उपलब्ध करवाने के आदेश जारी किए हैं। उप्र शासन शिक्षा अनुभाग 3 के अनु सचिव कामता प्रसाद सिंह ने उप्र शासन के विशेष सचिव और शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र जारी कर अवगत करवाया है कि परिषदीय स्कूलों में सुविधा के विकास हेतु अनुपूरक बजट के माध्यम से 50 करोड़ की राशि डेस्क-बेंच के लिए जारी की गई है। उन्होंने डेस्क-बेंच क्रय करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। हालांकि अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि शासन की ओर से जारी की गई राशि में से बुलंदशहर को कितनी राशि मिलेगी।
डेस्क-बेंच खरीदने के लिए डीएम की अध्यक्षता में बनेगी समिति
शासन के आदेश के तहत परिषदीय स्कूलों को डेस्क-बेंच खरीदने के लिए डीएम की अध्यक्षता में एक समिति बनेगी। इसमें डीएम अध्यक्ष होंगी और मुख्य विकास अधिकारी, लघु उद्योग का प्रतिनिधि अधिकारी और वित्त एवं लेखा अधिकारी व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया जाएगा। यह समिति शासन के नियमानुसार डेस्क-बेंच का क्रय करेगी।
1700 से अधिक स्कूलों को मिलेगा लाभ
शासन के आदेश पर डेस्क-बेंच का लाभ जिले के 1700 से अधिक परिषदीय स्कूलों को मिलेगा। यह वह स्कूल हैं जो कक्षा पांचवीं तक के हैं। इसके अलावा 800 से अधिक स्कूल कक्षा छह से आठवीं तक हैं। इनमें डेस्क-बेंच पहले से उपलब्ध हैं।
परिषदीय स्कूलों में डेस्क-बेंच क्रय करने के लिए शासन के आदेश प्राप्त हो गए हैं। जल्द ही डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तर पर समिति का गठन कर दिया जाएगा। जैसे ही जारी की गई राशि में से जो राशि मिलेगी, उसी के आधार पर स्कूलों को डेस्क-बेंच उपलब्ध करवाने का काम किया जाएगा। - अजीत कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी