लापरवाही पर सख्ती: एसडीएम खुर्जा हाजिर हों...
बुलंदशहर। हाईकोर्ट के आदेशों का पालन न करना अधिकारियों को भारी पड़ जाता है, इसके बावजूद खुर्जा एसडीएम ने हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया। इसके एवज में हाईकोर्ट ने एसडीएम के खिलाफ वारंट जारी कर सीजेएम कोर्ट को वारंट तामील कराने के आदेश जारी कर दिए थे। आदेशों के अनुपालन में बृहस्पतिवार को एसडीएम खुर्जा को सीजेएम कोर्ट में पेश होना पड़ा और उन्हें 20 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी गई। साथ ही आगामी तारीख पर हाईकोर्ट में हाजिर होने की हिदायत भी दी गई है।
बता दें कि वर्ष 2009 में एक महिला सरोज देवी ने हाईकोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार एवं अन्य के खिलाफ एक रिट दायर की थी। मामला विचाराधीन था, बीते 19 फरवरी 2018 को मामले में हाईकोर्ट ने एसडीएम खुर्जा को अपना शपथ पत्र दाखिल करने के लिए बुलाया था, लेकिन हाईकोर्ट के इस आदेश के पालन में एसडीएम खुर्जा खुद हाईकोर्ट नहीं गए और तहसीलदार को रिकार्ड के साथ हाईकोर्ट भेज दिया गया। जिस पर उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम खुर्जा के खिलाफ वारंट जारी कर दिए। साथ ही हाईकोर्ट ने सीजेएम बुलंदशहर को उक्त वारंट तामील कराने के आदेश भी दिए थे। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद एसडीएम खुर्जा को बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में तलब होना पड़ा, जिसके बाद सीजेएम ने एसडीएम खुर्जा को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। साथ ही उन्हें हिदायत दी गई है कि आगामी 20 मार्च 2018 को हाईकोर्ट में उन्हें हाजिर होना है। हाजिर न होने पर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया जा सकता है। एसडीएम ने भी हाईकोर्ट जाने की बात कही है।