कमीशनखोर आशाओं की होगी संविदा समाप्त
- महिला अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पताल ले जा रही थी आशाएं
- सीएमओ ने जारी किए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को बहला फुसलाकर निजी अस्पताल ले जाने वाली आशाओं को चिन्ह्ति कर संविदा समाप्त की जाएगी। निजी अस्पताल ले जाने वाली कमीशनखोर आशाओं की संविदा समाप्त के लिए सीएमओ ने आदेश जारी किए हैं।
जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 200 गर्भवती महिलाएं जांच व प्रसव के लिए आती हैं, जिसमें अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र की सीधी साधी महिलाएं होती है। महिला अस्पताल में लापरवाही का भय दिखाकर कुछ आशाएं महिलाओं को निजी अस्पताल ले जाने का काम कर रही थीं। इसके बदले में आशाओं को निजी अस्पतालों से मोटा कमीशन भी मिलता है। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि सरकारी अस्पताल में निजी अस्पताल ले जाने वाली आशाओं को चिन्हित कर संविदा समाप्त की जाएगी। इसके लिए आदेश जारी कर दिए है। जल्द ही आशाओं की संविदा समाप्त की कार्रवाई की जाएगी।
आशाओं का गैंग रखता है मरीजों पर नजर
- जिला महिला अस्पताल में आने वाली हर एंबुलेंस पर आशा कार्यकर्ता का गैंग का सदस्य नजर रखता है। जैसे ही कोई महिला को वार्ड में लाया जाता है तो वे उसके आसपास खड़े होकर महिला अस्पताल की परेशानियां बताने लगती है। मरीज का मन बदलता देख फौरन ही ये निजी अस्पताल का पता और कम दाम में प्रसव की बात बता देती है। इसके काम के लिए आशा कार्यकर्ता गैंग का कोई ना कोई सदस्य पूरे दिन अस्पताल में नजर रखता है।
पूर्व में डीएम ने भी जारी किए थे आदेश
- जिले की वर्तमान डीएम ने अक्टूबर माह में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल में ले जाने वाली आशाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश जारी किए थे, जिसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। इससे पूर्व जिले के डीएम ने सीधी साधी महिलाओं को बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल ले जाने वाली आशाओं की संविदा समाप्त करने के आदेश जारी किए थे।