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अनामिका शुगर मिल के 34 क्रयकेन्द्रों पर तौल बंद, किसान परेशान

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अनामिका शुगर मिल के 34 क्रय केंद्रों पर तौल बंद
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- ओवरलोड ट्रकों को सीज किए जाने के विरोध में ट्रांसपोर्टर ने की हड़ताल
औरंगाबाद। अनामिका शुगर मिल ने सोमवार से सभी 34 क्रय केंद्रों पर गन्ने की तौल बंद कर दी है। शुगर मिल का तर्क है कि ओवरलोड वाहनों के पकड़े जाने के विरोध में ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर हैं। गन्ना ढुलाई बंद होने के चलते खरीद बंद की गई है। उधर गन्ना नहीं खरीदे जाने से किसानों में आक्रोश है। 24 घंटे में तौल शुरू नहीं करने पर किसानों ने चीनी मिल पर धरने की चेतावनी दी है।
दो दिन पहले भाकि यू जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान ने अनामिका शुगर मिल के गन्ने से भरे 15 ओवरलोड वाहनों को पकड़कर एआरटीओ को सौंप दिया था। एआरटीओ ने इन वाहनों को सीज कर दिया। इसके बाद शुगर मिल प्रबंध तंत्र में हड़कंप मच गया। एक दिन बाद ही भाकियू के मांगेराम त्यागी गुट लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए एआरटीओ का पुतला फूंका था। अब ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई होने के बाद शुगर मिल ने अपने सभी 34 क्रय केंद्रों पर तौल बंद कर दी है। कार्यवाहक डीजीएम कैन प्रदीप पवार के अनुसार ट्रांसपोर्टर के हड़ताल पर चले जाने से गन्ने की खरीद को बंद करना पड़ा है। गन्ना न खरीदे जाने से किसानों में मिल प्रबंधन के प्रति भारी आक्रोश है। किसानों का पेड़ी गन्ना सूखने के कगार पर है। ऐसे में किसानों के सामने अब और ज्यादा संकट पैदा हो गया है। किसानों ने गन्ना खरीद न होने पर आरपार की लड़ाई की चेतावनी दी है। मिल प्रबंधन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मिल को चालू करने की बात कही है।
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ट्रांसपोर्टर की हड़ताल के चलते मिल के सभी क्रय केंद्रों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। ट्रांसपोर्टर की समस्या एक-दो दिन के भीतर हल होने की उम्मीद है। इसके बाद मिल क्रय केंद्रों पर गन्ने की खरीद शुरू कर देगी।
- पीके मल्हौत्रा, मुख्य महा प्रबंधक, अनामिका शुगर मिल

नाकामियों को छिपाने के लिए मिल प्रबंधन किसानों के साथ धोखा कर रहा है। यदि दो दिन के भीतर सभी क्रय केंद्रों पर तौल चालू नहीं की गई तो भाकियू डीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देगी।
- गुड्डू प्रधान, जिलाध्यक्ष भाकियू

फोटो समाचार
किसानों ने जलाया एआरटीओ का पुतला
बीबीनगर। एआरटीओ द्वारा अनामिका शुगर मिल के ट्रक सीज किए जाने के विरोध में ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल कर दी। इसके चलते गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल बंद हो गई है। गन्ना खेत में सूखने से नाराज सैदपुर में किसानों ने एआरटीओ का पुतला दहन किया। भाकियू हरपाल गुट के जिलाध्यक्ष ने ट्रक मालिकों के विरुद्ध की गई रिपोर्ट वापस लेने व गन्ना क्रय केंद्र सुचारु कराने की वकालत की। भाकियू ने 16 फरवरी को गन्ने की विभिन्न समस्याओं को लेकर बीबीनगर स्थित संघ कार्यालय पर महापंचायत का एलान किया है। बीबीनगर क्षेत्र के गांव सैदपुर में बुधवार को किसानों ने एआरटीओ द्वारा अनामिका शुगर मिल का ट्रक सीज कर दिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। किसानों का आरोप है कि परिवहन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई किसान विरोधी है। ग्राम विकास संघर्ष मोर्चा सैदपुर के संयोजक सुरेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी बुलंदशहर के नाम एक ज्ञापन भी भेजा। कहा कि प्रशासन को हस्तक्षेप करते हुए ट्रक मालिकों पर दर्ज की गई रिपोर्ट वापस लेकर ट्रांसपोर्ट सुविधा तत्काल चालू करवानी चाहिए। भाकियू हरपाल गुट के जिलाध्यक्ष प्रहलाद सिंह ने भी ट्रांसपोर्ट सुविधा बहाल कराने व गन्ना क्रय केंद्र सुचारु कराने की मांग की। ब्लाक अध्यक्ष जयकरण सिंह ने कहा कि शुगर मिल किसानों के साथ छल कर रही है। मिलें पहले तो किसानों को पर्ची देने में आनाकानी करती हैं फिर किसान को पेमेंट के लिए परेशान किया जाता है। इसे किसान यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगी। भाकियू के जिला संरक्षक सुशील शर्मा दादाजी ने कहा कि किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आगामी 16 फरवरी को बीबीनगर स्थित संघ कार्यालय पर एक महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें किसानों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी।

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आठ दिन में पेड़ी गन्ना खरीदेगी अनामिका मिल
औरंगाबाद। थाने के बाहर विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा भारतीय किसान यूनियन का धरना मंगलवार रात समाप्त हो गया। अनामिका मिल प्रबंधन ने डीसीओ के सामने आठ दिन के भीतर पेड़ी गन्ना खरीदने की बात कही है। भाकियू जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान की अगुवाई में किसान थाने के गेट के बाहर विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। देर शाम डीसीओ एपी सिंह, शुगर मिल के जीएम पीके मल्हौत्रा, कार्यवाहक डीजीएम कैन प्रदीप पवार, गन्ना समिति सचिव जीपी गोस्वामी, गन्ना इंस्पेक्टर देवप्रकाश किसानों से वार्ता के लिए पहुंचे। मिल प्रबंधन ने आठ दिन के भीतर समस्त पेड़ी गन्ना खरीदने के साथ 10 वर्ष से तौल केन्द्रों पर जमे कर्मचारियों का जोन बदलने का आश्वासन दिया। इस पर किसानों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। इस मौके पर कैप्टन विशन सिंह सिरोही, कैप्टन यशवीर सिंह, गंगाप्रसाद पिलानिया, राजकुमार शर्मा, हरवीर गिरि, पवन लोधी, प्रहलाद तेवतिया, दयाचंद त्यागी आदि मौजूद रहे। ब्यूरो


फोटो समाचार
गन्ने की पर्ची न मिलने पर फूटा किसानों का गुस्सा
- मिल प्रबंधन के खिलाफ किसानों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
पहासू।
गन्ने की पर्ची न मिलने से किसानों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। किसानों ने समय से पर्ची भिजवाने की मांग की। इस दौरान किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मांग पूरी न होने पर किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
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बुधवार सुबह किसान साबितगढ़ शुगर मिल पर पहुंच गए। नारेबाजी करते हुए किसान मिल के गेट से अंदर जाने लगे तो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बावजूद इसके किसान अंदर घुस गए। कार्यालयों में पहुंचकर किसानों ने अधिकारियों को जमकर खरीखोटी सुनाई। किसानों ने कहा कि कैलेंडर के हिसाब से उन्हें समय पर गन्ने की पर्ची नहीं मिल रही है। जब वह अधिकारियों से पर्ची के संबंध में पूछते हैं तो अभद्रता की जाती है। किसानों ने मिल प्रबंधन पर मनमाने ढंग से कार्य करने और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। सलेमपुर, औरंगा, पूठरी, बरौला, खखुड़ा समेत कई गांवों के किसानों ने प्रदर्शन कर समय से पर्ची भिजवाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में जवाहर सिंह, संजय, जय प्रकाश, महेंद्र, पिंटू, विपिन, गजराज, विशंभरदयाल, संजय, अनुज आदि रहे।
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