जिले के 50 फीसदी अस्पतालों में मानकों का अभाव
- मानकों को पूरा किए बिना स्वास्थ्य विभाग जारी कर दिया पंजीकरण प्रमाणपत्र
- अवैध अस्पतालों में आए दिन मरीजों की जान से होता है खिलवाड़
- स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई के नाम पर साधी चुप्पी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जिले के निजी अस्पतालों व क्लीनिकों को बिना मानक पूरा किए ही पंजीकरण कर दिए। सूत्रों ने दावा किया है कि कुल 245 अस्पतालों-क्लीनिकों में से करीब 150 अस्पताल मानकों को पूरा नहीं करते हैं। इसके बाद भी अधिकारी इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
जिले में 245 अस्पताल व क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत हैं। इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में अस्पताल व क्लीनिक बिना पंजीकरण के चलाए जा रहे हैं। अपंजीकृत अस्पताल व क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ख्रानापूर्ति करते हैं। इसके अलावा पंजीकृत अस्पताल व क्लीनिकों के बारे में भी एक चौंकाने वाले तथ्य का खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार 103 अस्पताल व 142 क्लीनिक तथा 62 अल्ट्रासाउंड सेंटर स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में पंजीकृत हैं। अस्पताल के पंजीकरण के लिए जो मानक निर्धारित किए गए हैं। इनमें से आधे अस्पताल व क्लीनिक उन मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इनका पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने कहा कि मानक पूरा करने के बाद ही एनओसी जारी की जाती है। यदि किसी अस्पताल ने मानकों का पालन नहीं किया है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
अस्पताल पंजीकरण के लिए निर्धारित मानक
1. भारतीय चिकित्सा सेवा संस्थान से पंजीकृत चिकित्सक होने चाहिए
2. फायर बिग्रेड से एनओसी
3. बायो मेडिकल वेस्ट की एनओसी
4. अस्पताल के लिए पर्याप्त जमीन
5. अस्पताल बिल्डिंग का नक्शा पास
6. अस्पताल पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ता
7. प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ