‘सेफ्टी टैंक का शौचालय बनाया तो नहीं मिलेगी राशि’
- जिन गांवों में बने सेफ्टी टैंक शौचालय, उनके पात्र व प्रधानों की बढ़ी धड़कन
- शासनादेश के अनुसार सोखता गड्ढे वाले पात्रों को ही मिलेगी राशि
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण के तहत यदि पात्र ने सेफ्टी टैंक का शौचालय बनाया तो उसे राशि नहीं मिलेगी। जिन गांवों में सेफ्टी टैंक के शौचालय बने हैं, उनके पात्र और प्रधानों की धड़कन बढ़ने लगी है। इस तरह के मामले जिला पंचायत राज अधिकारी के समक्ष आने लगे हैं, जबकि शासनादेश है कि सोखता गड्ढे वाले पात्रों को ही राशि मिलेगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण के तहत गांवों में पात्रों के शौचालय बनाए जा रहे हैं। एक शौचालय के लिए शासन की ओर से 12 हजार की राशि पात्र को दी जाती है। शासन का आदेश है कि शौचालय सोखता गड्ढा बनाने पर ही मिलेगी, जबकि जिले के अनेक गांवों में सेफ्टी टैंक वाले शौचालय बना लिए गए हैं। इस तरह के करीब 50 से अधिक मामले उनके पास आ चुके हैं, जबकि यह पहले ही आदेश जारी कर दिए थे कि सेफ्टी टैंक वाले को सरकारी राशि नहीं मिलेगी। अब इन गांवों के प्रधान उनसे संपर्क कर राशि की मांग कर रहे हैं, जो संभव नहीं है। उन्होंने साफ किया बिना सोखता गड्ढा बनाए शौचालय की राशि नहीं मिलेगी। जिले में अभी 1.50 लाख शौचालय और बनाए जाने हैं और 15 हजार से अधिक शौचालय बन चुके हैं, लेकिन अभी राशि नहीं मिली है। राशि की डिमांड शासन से लगातार की जा रही है।