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अब सर्वयूपी से गायब हुए उपभोक्ता के चार लाख 34 हजार

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अब सर्वयूपी से गायब हुए उपभोक्ता के चार लाख 34 हजार
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बुगरासी। कस्बे के बैंकों में उपभोक्ताओं के केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) खाते से रकम गायब होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इस बार कस्बे के सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के उपभोक्ता के केसीसी की चार लाख 34 हजार की रकम गायब मिली। 19 माह तक रकम गायब रहने से उपभोक्ता को 40 हजार का ब्याज देना पड़ा है। उपभोक्ता ने बैंक के खिलाफ न्यायिक लड़ाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कस्बे में दो बैंक इलाहाबाद व सर्वयूपी ग्रामीण बैंक हैं। इनमें आए दिन उपभोक्ताओं के केसीसी से बचत खाते में धनराशि बिना उपभोक्ता की जानकारी के अक्सर ट्रांसफर किए जाने के मामले प्रकाश में आते रहे हैं, अधिकांश मामलों में बैंक अधिकारी उपभोक्ता को समझा लेते हैं, लेकिन इस बार उपभोक्ता ने सीधे न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। कस्बा निवासी लोकेश कुमार का सर्वयूपी ग्रामीण बैंक में छह लाख रुपये की लिमिट का केसीसी बना हुआ है। लोकेश कुमार ने बताया कि 31 मई 2016 को उनके केसीसी से बैंक ने बिना उनकी जानकारी के चार लाख 34 हजार निकाल लिए। लगभग डेढ़ वर्ष बाद जब उपभोक्ता ने बैंक में जाकर अपना केसीसी चैक किया तो चार लाख 36 हजार की रकम निकाले जाने के कारण 40 हजार का ब्याज उपभोक्ता पर दर्शाया गया था। बैंक ने केसीसी से उपभोक्ता के बचत खाते में धनराशि ट्रांसफर कर दी थी। उपभोक्ता के हंगामा करने पर धनराशि तो वापस केसीसी में डाल दी गई, लेकिन उपभोक्ता को 40 हजार का ब्याज देना पड़ा। लोकेश कुमार ने बताया कि बैंक अधिकारियों ने खाते से छेड़छाड़ कर अपराध किया है। इसके लिए न्यायालय की शरण के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बैंक को नोटिस जारी किया गया है।
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इसलिए होती है खातों से छेड़छाड़
- उपभोक्ताओं के खाते में समय से लेनदेन केसीसी के सही संचालन से बैंक अधिकारियों की उच्चाधिकारियों की निगाह साख बनी रहती है। अपनी साख को अधिकारियों की नजर में बनाए रखने के लिए अक्सर बैंक अधिकारी उपभोक्ताओं के खाते से छेड़छाड़ करते रहते हैं।
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कई उपभोक्ताओं को नहीं मिला कर्ज माफी का लाभ
- प्रदेश सरकार ने किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ किए थे। इनमें एक निर्धारित तारीख के बाद रुपये जमा नहीं करने वालों को लाभ मिला था। बैंक अधिकारियों ने अपनी साख के चलते कुछ खातों में लेनदेन कर दिया और ऐसे किसान कर्ज माफी के लाभ से वंचित रह गए थे।
कोट
उपभोक्ता के केसीसी से बचत खाते में धनराशि ट्रांसफर हो गई थी। गलती के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
- केसी वर्मा, प्रबंधक सर्वयूपी ग्रामीण बैंक बुगरासी
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