खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया
- बिना जांच के हस्ताक्षर कर विभाग को भेजी पदोन्नति की लिस्ट
- 50 फीसदी से अधिक पदोन्नति पर प्राप्त हुई आपत्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
प्राइमरी के सहायक शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया में खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है। उन्होंने बिना जांच के हस्ताक्षर कर पदोन्नति की लिस्ट विभाग को भेज दी। 50 फीसदी से अधिक पदोन्नति पर आपत्तियां भी प्राप्त हुईं और उनका निस्तारण भी नहीं किया गया। ऐसे में अब पदोन्नति की प्रक्रिया अटक गई है। जबकि पदोन्नति के लिए सूची में शामिल शिक्षक अंतिम रिपोर्ट जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
शासन और बेसिक शिक्षा विभाग ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्राइमरी स्कूलों के पात्र सहायक शिक्षकों को पदोन्नत कर हेडमास्टर बनाने के आदेश जारी किए थे। पहले तो इस मामले में अफसरों ने सुस्ती बरती, लेकिन शिक्षक नेताओं की मांग पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने हाल ही में पदोन्नति के लिए 846 सहायक शिक्षकों की लिस्ट जारी की थी। इसके लिए 17 जनवरी तक आपत्ति भी मांगी गई थी। जारी लिस्ट को जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजकर जांच करने और मिलने वाली आपत्तियाें का निस्तारण करने के बाद विभाग को देने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारियों ने बिना जांच और आपत्तियों का निस्तरण किए ही लिस्ट हस्ताक्षर कर विभाग को भेज दी। इस वजह से अब लिस्ट की जांच और आपत्तियाें के निस्तारण की जिम्मेदारी विभागीय अफसर और बाबू करेंगे। ऐसे में पदोन्नति की प्रक्रिया अटक गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजीत कुमार का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारियों की पदोन्नति की लिस्ट और आपत्तियों का निस्तरण न करने की लापरवाही सामने आई है। इस बारे में उनसे जवाब मांगा जाएगा। पदोन्नति की लिस्ट और आपत्तियाें के निस्तारण के आदेश विभागीय अफसर और बाबुओं को दिए हैं। जल्द ही पदोन्नति की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।