किशोरी हत्याकांड: साहब.. हैवानों को दी जाए फांसी
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- छात्रा के परिजनों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह किया विरोध प्रदर्शन
- शहर के लोगों में जबर्दस्त आक्रोश, आरोपियाें के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
दो जनवरी जनपद के इतिहास में एक और बदनुमा दाग देकर गई। छात्रा के अपहरण के बाद हैवानियत और हत्या कर दरिंदों ने उसका शव दादरी क्षेत्र में फेंक दिया था। वारदात को लेकर छात्रा के परिजनों और शहर के लोगों में जबर्दस्त आक्रोश है। बुधवार को भी पीड़ित परिजनों और कई सामाजिक संगठनों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं व छात्र-छात्राओं ने पुलिस आफिस पर प्रदर्शन किया।
दो जनवरी की शाम ट्यूशन पढ़कर लौट रही छात्रा का कार सवार आरोपियों ने अपहरण कर लिया था। इसके बाद आरोपियों ने उसके साथ दरिंदगी की और हत्या कर उसका शव दादरी के बील अकबरपुर क्षेत्र के रजवाहे में फेंक दिया था। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विभिन्न संगठन पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने के लिए अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संगठन मंत्री भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में दर्जनों छात्र-छात्राओं व कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। संगठन के कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय पहुंच कर धरना प्रदर्शन करते हुए आरोपियों को फांसी देने की मांग की। इसके बाद जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया गया है, अब उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यार्थी परिषद ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट से करवाने की भी मांग की है। प्रदर्शन के दौरान ओजेश पंडित, विकास कुमार शर्मा, मनीष कुमार, दीपक चौधरी, वेद चौधरी, विशाल गोयल, सुमित शर्मा, अरुण सक्सेना, शैंकी त्यागी, अनूप, गौरव दयाल, कमल, सचिन, रवि, अर्जुन आदि मौजूद रहे।
पीड़ित परिजनों ने निकाला कैंडल मार्च
बुलंदशहर। छात्रा की आत्मा की शांति के लिए मंगलवार देर शाम पीड़ित के परिजनों और भगवा रक्षक दल के कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न समाजसेवियों ने कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च विभिन्न मुख्य मार्गों से होता हुआ कालाआम पर समाप्त हुआ। इस दौरान आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान अंकित, शिवा चौधरी, कुलवीर सिंह, शैलेंद्र राणा, अवधेष पंडित, देव शर्मा, प्रशांत वाल्मिकी, एड. विकास कुमार, चुलबुल, देशा आदि मौजूद रहे।
दरिंदों के साथ जेल में मारपीट
- जेल अधिकारी ने किया मामले से इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
छात्रा हत्याकांड में जेल गए तीनोेें आरोपियों के साथ जेल में मारपीट का मामला बुधवार को सामने आया है। हालांकि जेल अधिकारी और पुलिस ने इससे इंकार किया है।
नगर क्षेत्र से एक नाबालिग छात्रा को बीते दो जनवरी को अगवा कर दुष्कर्म के बाद मौत के घाट उतार दिया गया था। मामले में पुलिस ने सिकंदराबाद निवासी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शुरुआत में तीनों आरोपियों को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था, लेकिन अब उन्हें अन्य बैरकों में शिफ्ट कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि तीनों आरोपियों की जेल में कुछ बंदी-कैदियों ने जमकर पिटाई कर दी थी। बंदीरक्षकों ने आरोपियों को बचाया। न्यायालय में तारीख पर आए कुछ बंदियों ने इस बाबत अपने परिचितों को जानकारी दी थी। इसके बाद बंदियों की पिटाई का मामला उजागर हुआ है, वहीं जेल अधिकारी मामले को दबाए बैठे रहे। डिप्टी जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने बताया कि तीनों आरोपियों के साथ मारपीट का कोई मामला सामने नहीं आया है। तीनों आरोपियों को सुरक्षा की दृष्टि से अलग-अलग बैरकों में रखा गया है। वहीं एसपी सिटी डा. प्रवीन रंजन सिंह का कहना है कि हत्यारोपियों की जेल में पिटाई के संबंध में कोई सूचना या शिकायत नहीं मिली है।