फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षा विभाग की फाइलों में कैद शासनादेश

विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा विभाग की फाइलों में कैद शासनादेश
विज्ञापन

- न स्कूलों में मनाया जाता है बच्चों का जन्मदिन न बजती है डुगडुगी
- न अफसर को और ना ही शिक्षकों को याद रहे आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। शिक्षा को बेहतर बनाने और छात्र-छात्राओं को विभिन्न योजनाआें से लाभान्वित करने के लिए शासन की ओर से लगातार आदेश जारी हो रहे हैं। आदेश मिलने पर अफसर क्रियान्वित करने के दावे तो करते हैं। लेकिन इनपर अमल नहीं हो पाता। इसके चलते छात्र-छात्राओं को भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। आदेश शिक्षा विभाग की फाइलोें में कैद होकर रह गए हैं।
विज्ञापन

परिषदीय स्कूलों की बात करें तो इस बार शासन ने सर्व शिक्षा अभियान के अलावा अनेक ऐसे आदेश जारी किए, जिससे छात्र-छात्राओं को लाभ मिलता। इसमें स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए बच्चों का जन्मदिन मनाने, साथी मित्र द्वारा स्कूल न आने वाले बच्चों को स्कूल लाने के लिए डुगडुगी बजाने सहित कई अहम आदेश जारी किए। छात्राओं को योग और अपनी सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण देने और अभिभावकों का सम्मान करने जैसे महत्वपूर्ण आदेश भी फाइलों में कैद होकर रह गए। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से भी विद्यालयों में छात्राओं को अपनी आत्मरक्षा के लिए जागरूक करने और कई अन्य महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए। मगर, इन पर भी अमल नहीं हुआ। उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार आर्य और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजीत कुमार का कहना है कि शासनादेश को समय पर जारी कर शिक्षकों को इनका पालन करने के लिए निर्देश जारी किए गए थे। अगर किसी आदेश का पालन नहीं हो रहा है तो उसकी जांच करवाकर शुरूआत करवाई जाएगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें