आयुष्मान मरीजों से लिया जाएगा फीडबैक
बुलंदशहर। अब आयुष्मान मरीजों से उपचार के बाद फीडबैक लिया जाएगा, जिससे केंद्र सरकार को पता चल सके कि उपचार के दौरान पात्र लाभार्थी को कोई परेशानी तो नहीं हुई। इस संबंध में केंद्र सरकार से आदेश जारी कर दिया है। जिससे भविष्य में योजना को बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए जा सके।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत के तहत पात्र लाभार्थी के परिवार के सदस्य प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार करा सकते हैं। योजना में सरकारी चिकित्सालयों के अलावा निजी अस्पतालों को जोड़ा गया है, लेकिन निजी अस्पताल में पात्र लाभार्थी के जाने पर उसे निशुल्क उपचार कराने के लिए विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के मुख्य कार्यपालक अधिकारी संगीता सिंह द्वारा मरीज से भर्ती के बाद सेटिफेक्शन लेटर ऑन डिस्चार्ज (फीडबैक का प्रारूप) भरवाने के निर्देश मिले है। जिसे योजना से जुड़े प्रत्येक अस्पताल की ओर से मरीज या उसके परिजनों से भरवाया जाएगा। प्रारूप में उपचार शुरू कराने से लेकर उपचार के दौरान संबंधित अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारियों ने कैसा व्यवहार किया। उपचार के दौरान दवाएं व जांच समय पर हुई या नहीं। साथ ही कोई अन्य परेशानी जिसका उपचार के दौरान सामना करना पड़ा हो। इन सबकी जानकारी मरीज द्वारा भरी जाएगी। नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि मरीजों से फीडबैक लेने की योजना बनाई है। जिसे पात्र लाभार्थियों से भरवाकर शासन को भेजा जाएगा। आदेश मिलने के बाद नियमानुसार प्रारूप का वितरण कर फीडबैक लेने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बताया कि फीडबैक के आधार पर योजना में अन्य बदलाव भी किए जाने की संभावना है।