फुटपाथ से ‘जीविका’ चलाने वालों को मिलेंगे पहचान पत्र
- पथ विक्रेताओं को मुहैया कराई जाएंगी सुविधाएं
- आजीविका मिशन निदेशक ने प्रशासन को दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
शहरी क्षेत्र में फुटपाथ पर दुकान आदि लगाकर जीविका चलाने वाले विक्रेताओं को पहचान पत्र दिए जाएंगे। केंद्र सरकार के निर्देश पर यह व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए राज्य शहरी आजीविका मिशन के निदेशक देवेंद्र कुमार पांडेय ने प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं।
राज्य के शहरी इलाकों में पथ विक्रेताओं (फुटपाथ दुकानदारों) के अधिकारों की सुरक्षा और उनके विक्रय से जुड़े कार्यकलापों को नियंत्रित विनियमित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश पथ विक्त्रस्ेता (आजीविका संरक्षण एवं विनियमन) योजना-2017 को अंतिम रूप दे दिया है। पहचान पत्र प्राप्त फुटपाथ दुकानदार संबंधित निकाय द्वारा चिन्हित सड़कों के किनारे ही अपना व्यवसाय कर सकेंगे। निकायों को यह पूरा अधिकार होगा कि वह जनता की सुविधा-कठिनाइयों को देखते हुए तय करें कि किस सड़क के किनारे विक्रेता व्यवसाय करेंगे अथवा नहीं करेंगे। इसके अलावा योजना में निकायों द्वारा शहर के प्रमुख बाजारों के पास न्यूनतम मानवीय सुविधा से परिपूर्ण फुटकर विक्त्रस्ेताओं के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। निकायों द्वारा निर्मित दुकानों में 37 फीसदी दुकानें विभिन्न श्रेणियों के लिए आरक्षित होंगी।
ऐसे होगा फुटकर विक्त्रस्ेताओं का वर्गीकरण
ऐसे पथ विक्त्रस्ेता जो लंबी अवधि से एक ही स्थान पर व्यवसाय कर रहे हैं, वह स्थिर पथ विक्रेता कहलाएंगे। खास मौसम, पर्व-त्योहार, मेला, दशहरा, दीपावली जैसे पर्व पर शहर में किसी खास स्थान पर दुकान लगाने वाले मौसमी स्थिर पथ विक्रेता कहलाएंगे और घूम-घूम कर शहर में किसी खास मौसम या पर्व-त्योहार पर सामान बेचने वाले मौसमी चलंत पथ विक्त्रस्ेता कहलाएंगे। विक्त्रस्ेता प्रमाण पत्र जारी करने में महिला के लिए 24.5 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। इसी तरह शारीरिक रूप से निशक्त पुरुष को 1.5 एवं महिला को 1.5 फीसदी, वरिष्ठ नागरिक पुरुष को दो एवं महिला को दो फीसदी, परित्यक्ता और विधवा को पांच फीसदी, तृतीय लिंग के समुदाय को 0.5 फीसदी प्रमाण पत्र हर हाल में निर्गत किया जाएगा।
आजीविका मिशन निदेशक के आदेशों से जल्द ही संबंधित विभागीय अफसरों को अवगत करावा दिया जाएगा। प्रशासन को जारी किए गए आदेशों का पालन किया जाएगा। इस पहल से पथ विक्रेताआें को लाभ मिलेगा। - जसजीत कौर, मुख्य विकास अधिकारी।
मनोज कुमार-