फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब हर बेआसरा को मिलेगी सरकारी मदद से छत

विज्ञापन
विज्ञापन
‘आवास योजना’ में हर बेसहारा को मिलेगी छत
विज्ञापन

प्रधानमंत्री आवासीय योजना में चयनित न होने वालों को मिलेगा लाभ
पात्रों के लिए श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन होना या बेघर होना जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिले के उन लोगों के लिए अच्छी खबर है, जिनके पास अभी तक पक्का आवास नहीं है। प्रधानमंत्री शहरी या फिर ग्रामीण आवासीय योजना में चयनित न होने वालों को केंद्र और राज्य सरकार पक्के आवास का तोहफा देने जा रही है। श्रम प्रवर्तन विभाग के रजिस्टर्ड मजदूरों और कच्चे मकान में रहने वालों को जल्द पक्के आवास मुहैया कराने का आदेश शासन ने जारी किया है।
हाल ही में केंद्र और राज्य सरकार ने पुरानी योजना के साथ-साथ नई योजना शुरू की है। ‘आवास योजना’ नाम से शुरू हुई इस स्कीम में उन सभी परिवारों को आवास दिया जाएगा, जिनका चयन प्रधानमंत्री आवासीय योजना में नहीं हो पाया था। इसके लिए अलग से सर्वे कराया जाएगा। योजना में कोई गड़बड़ी न हो, इसकी जिम्मेदारी सीडीओ को सौंपी गई है। गांव-देहात या फिर शहर में रहने वाले उन परिवारों को पक्का आवास दिया जाएगा, जो वास्तव में गरीब हैं, जिनके पास कच्ची छत है या फिर कोई आसरा नहीं है।
विज्ञापन


15 साल तक नहीं बेच सकेंगे
शहरी क्षेत्र में झुग्गी, झोपड़ी डालकर रह रहे लोगों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। शर्त यह है कि परिवार के मुखिया का श्रम विभाग में श्रमिक के तौर पर रजिस्ट्रेशन हो। साथ ही आवास मिलने पर उसे 15 साल तक बेचा नहीं जा सकेगा और न ही किसी को दिया जा सकेगा। परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर आवास का हक उसके वारिस को दिया जाएगा। तय सीमा से पहले ही अगर कोई आवास बेचता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


नहीं चलेगी चलेगी प्रधानों की मनमानी
अब तक प्रधान अपने चहेतों को आवास का लाभ दिला देते थे। इससे पात्र वंचित रह जाते थे। लेकिन जिला मुख्यालय से ही टीम का गठन किया जाएगा, जिसका काम धांधली को रोकना होगा।

वर्जन
सरकार की यह काफी सराहनीय पहल है। इसमें पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाएगा।
- जसजीत कौर, मुख्य विकास अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें