खाते में करोड़ों, फिर भी आधारभूत सुविधाओं को तरसे रहे नगरवासी
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-बोर्ड बैठक में सभासदों के 42 में से एक भी प्रस्ताव नहीं किया पास
सिकंदराबाद। पालिका के खाते में विभिन्न मतों में करोड़ों रुपये होने के बावजूद भी नगरवासी आधारभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। उनके द्वारा चुने गए वार्ड प्रतिनिधि ही उनकी मुसीबत का सबब बन रहे हैं। नगर के विकास को लाए गए बोर्ड बैठक में 42 प्रस्तावों में से बोर्ड ने सभी प्रस्तावों को निरस्त कर दिया।
वर्ष 2017 में पालिका विस्तार के तहत पालिका क्षेत्र में नगर से सटे करीब एक दर्जन से अधिक मोहल्लों को शामिल किया गया था। पालिका क्षेत्र में शामिल करने के लिए परिसीमन की लंबी प्रक्रिया उसके बाद चुनाव के कारण इन क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं कराए जा सकें। पूर्व में सिकंदराबाद देहात में होने के कारण पालिका क्षेत्र में शामिल किए गए सभी मोहल्लों में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव था। वही आचार संहिता, चुनाव के चलते नगर में भी पिछले करीब चार महीनों से कोई विकास कार्य नहीं हुआ। जिसके चलते नगर क्षेत्र को विकास की दरकार हैं। छह जनवरी को आयोजित पालिका की बोर्ड में करीब 1.5 करोड़ की लागत से पालिका क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों के लिए 42 प्रस्ताव मंजूरी के लिए बोर्ड बैठक में रखे गए थे। मगर बोर्ड ने पालिका के खाते में करोड़ों रुपये होने के बावजूद भी सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया। बोर्ड की उदासीनता ने अपने क्षेत्र में आधारभूत सुविधा उपलब्ध होने, विकास के सपने संजोय नगरवासियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
नगरपालिका के खाते में विभिन्न मदों में करीब दस करोड़ रुपये है। बोर्ड में प्रस्ताव पास नहीं होने के कारण वह पालिका क्षेत्र में कोई भी कार्य नहीं करा सकते। ईओ सत्येंद्र तिवारी
नगर के विकास के लिए बोर्ड में 42 प्रस्ताव लाए गए थे। उनके प्रयास के बावजूद एक भी प्रस्ताव पास नहीं हुआ है, जो दुर्भाग्यपूर्ण हैं। चेयरपर्सन बब्बो प्रवीन