बिना आधार कार्ड के गो पालन के लिए नहीं मिलेगा अनुदान
- गोशाला संचालकों को सभी नियम व शर्तें करनी होंगी पूरी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। शासन ने गोशाला संचालकों को गोपालन के लिए अनुदान देने की योजना बनाई है। इसका लाभ आधार कार्ड के बिना नहीं मिलेगा। पैन कार्ड व बैंक खाता नंबर भी अनिवार्य होगा। इनके मिलान के बाद ही गोशाला संचालक को अनुदान राशि दी जाएगी। जिन लोगों के पास यह कागजात नहीं होंगे, वह इस योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं।
शासन द्वारा दिशा निर्देशों के क्रम में पंजीकृत गोशालाओं को गोपालन के लिए शासन की ओर से अनुदान दिया जाएगा। 30 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु के हिसाब से मिलेंगे। इसके लिए गोशाला संचालकों को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के यहां रजिस्टर्ड डाक अथवा ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस योजना का लाभ उन्हीं गोशाला संचालकों को मिलेगा, जिन्होंने इनके पंजीकरण के समय पैन कार्ड, आधार कार्ड व बैंक खाता नंबर आदि का विवरण प्रस्तुत किया था। भरण पोषण योजना का लाभ लेने के लिए किए गए आवेदन के साथ इन सभी आवश्यक कागजातों को भी उपलब्ध कराना होगा। मूल प्रतियों के साथ इनका मिलान कराने के बाद ही अनुदान का भुगतान किया जाएगा। सभी पंजीकृत गोशालाओं के संचालकों को पंजीकृत सीए के माध्यम से अपने आय व्यय का सत्यापन कराकर संबंधित अभिलेख वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में एक अप्रैल को गोसेवा आयोग को उपलब्ध कराने होंगे। गोसेवा आयोग द्वारा भी अपने नियंत्रणाधीन समस्त वित्तीय अंतरण व भुगतान का ऑडिट कराया जाएगा और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की दशा में संपूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश के गोसेवा आयोग का होगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. लक्ष्मीनारायण ने बताया कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को देने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन इसके लिए गोशाला संचालकों को सभी नियम व शर्तें पूरी करनी होंगी। उन्हें आवश्यक अभिलेख भी उपलब्ध कराने होंगे।