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हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के परीक्षा फार्मों में फर्जीवाड़ा

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हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के 3402 प्राइवेट परीक्षा फार्मों में फर्जीवाड़ा
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क्षेत्रीय सचिव कार्यालय से किए गए निरस्त, फार्म भरवाने वाले कालेजों के प्रधानाचार्य भी जांच के घेरे में
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर।
वर्ष 2018 में होने वाली यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए भरे गए प्राइवेट फार्मों में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच के दौरान फर्जी पाए गए 3402 परीक्षा फार्मों को क्षेत्रीय सचिव कार्यालय से निरस्त कर दिया गया है। अब इन स्कूलों के प्रधानाचार्य भी जांच के घेरे में हैं। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन किए गए सत्यापन के बाद फर्जीवाड़ा सामने आया है।
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वर्ष 2018 में होने वाली यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने परीक्षा फार्म भरे थे। जिले से करीब पांच हजार विद्यार्थियों ने हाईस्कूल व इंटर की प्राइवेट परीक्षा के लिए आवेदन किया था। बताया जा रहा है कि कई फार्मों में फर्जीवाड़े के शक के चलते एक शिकायतकर्ता ने सीधे मुख्यमंत्री को शिकायत कर दी। मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए, तो अफसरों में हड़कंप मच गया। जांच के लिए डीआईओएस दफ्तर भेजे गए परीक्षा फार्मों में खुलासा हुआ कि फार्मों के साथ लगाई गई मार्क्सशीट, स्कूल कोड आदि फर्जी थे। जांच के बाद डीआईओएस ने सभी फार्मों को क्षेत्रीय सचिव कार्यालय भेज दिया था। अब सचिव कार्यालय से मामले में कार्रवाई कर 3402 परीक्षा फार्मों को निरस्त कर दिया गया है। इनमें से हाईस्कूल के 1502 तथा इंटरमीडिएट के 1700 फार्म शामिल हैं। इन 3202 फार्मों के अलावा एक विद्यालय से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 200 फार्म भरवाए गए थे, सभी अवैध पाए गए। अब प्राइवेट फार्म भरवाने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। बताया जा रहा है कि उच्चाधिकारियों ने इनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
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वर्जन
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 3402 प्राइवेट फार्म फर्जी पाए गए हैं। सभी फार्मों को निरस्त कर डीआईओएस कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी है।
- आरएसके सुमन, क्षेत्रीय सचिव, यूपी बोर्ड
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