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स्वास्थ्य विभाग ने कागजों में पूरी कर दी गांवों की फॉगिंग

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स्वास्थ्य विभाग ने कागजों में पूरी कर दी गांवों की फॉगिंग
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- 951 में से 921 गांवों में फॉगिंग का दावा कर रहे अफसर
- प्रधान संगठन ने अफसरों के दावे को बताया हवा हवाई
- अफसरों से फॉगिंग किए जाने वाले गांवों की मांगी सूची
पुनीत शर्मा
बुलंदशहर।
डीएम के आदेशों को ताक पर रखकर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कागजों में ही फॉगिंग का कार्य पूरा कर दिया। अफसरों के अनुसार कुल 951 गांवों में से 921 गांवों में अब तक फॉगिंग कराई जा चुकी है। जबकि प्रधान संगठन अफसरों के दावों को सिरे से खारिज कर रहा है। बताया जा रहा है कि 100 से अधिक गांवों में अब तक फॉगिंग की धनराशि ही नहीं पहुंची है।
गांवों में मच्छरों के प्रकोप से निजात दिलाने के लिए शासन द्वारा प्रतिवर्ष 10,000 रुपये का बजट प्रत्येक गांव को जारी किया जाता है। फॉगिंग की धनराशि को ग्राम प्रधान व एएनएम के संयुक्त खाते में डाला जाता है। स्वास्थ्य अफसर दावा कर रहे हैं कि 951 ग्राम पंचायतों में से 921 में फॉगिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। जबकि फॉगिंग कराए गए गांवों की सूची मांगने पर अफसर बगलें झांकने लगते हैं। ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने दावा किया है कि 100 से अधिक गांवों में अब तक फॉगिंग के लिए धनराशि नहीं पहुंची है तो इतने ही गांवों में निर्धारित धनराशि से कम का बजट मिल सका है। ऐसे में 921 गांवों में फॉगिंग के दावे पूरी तरह हवा हवाई हैं।
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कोट
गांवों में फॉगिंग का कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है। कुछ गांवों में मलेरिया के बजट से फॉगिंग कराई गई है। संभवत: कुछ प्रधानों के खाते न खुलने से बजट नहीं पहुंचा होगा। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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गांवों में फॉगिंग के नाम पर कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। 100 से अधिक गांवों में अब तक बजट भी नहीं पहुंच सका है। स्वास्थ्य अफसरों के फॉगिंग के दावे निराधार हैं। - धर्मेन्द्र सिंह, जिला महासचिव, अखिल भारतीय प्रधान संगठन
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