वार्डन का रोका वेतन, तीन कर्मचारियों का काटा वेतन
- कस्तूरबा की छात्राएं नहीं दे पाईं हिंदी के सवालों का जवाब
- बीएसए के निरीक्षण में मिली अव्यवस्थाओं की भरमार
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिकारपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। यहां पर तीन कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए और अव्यवस्थाओं की भरमार मिली। छात्राएं हिंदी के आसान सवालों का भी जवाब नहीं दे पाईं। इस पर बीएसए ने वार्डन का सितंबर माह का वेतन रोक दिया, जबकि तीन कर्मचारियों का एक-एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी कर दिया है।
बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि उन्होंने शिकारपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिक्षक मनीषा सक्सेना, पार्ट टाइम कंप्यूटर शिक्षक गजेंद्र सिंह और परिचारक सचिन कुमार अनुपस्थित पाए गए। विद्यालय में साफ-सफाई के साथ अन्य व्यवस्थाएं ठीक नहीं पाई गईं। एक कक्ष में हिंदी शिक्षिका राजेश्वरी पढ़ा रही थी और वह ब्लैकबोर्ड पर कुछ सवाल लिखकर दूसरे कमरे में चली गई। जब उन्होंने छात्राओं से हिंदी विषय से संबंधित सवाल पूछे तो वह एक भी सवाल का जवाब नहीं दे पाईं। इस पर शिक्षिका को फटकार लगाते हुए शिक्षण कार्य में सुधार लाने की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि अव्यवस्थाओं पर वार्डन का सितंबर माह का वेतन रोकने और तीनों कर्मचारियों का एक-एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी कर दिया है। उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। बीएसए ने चेतावनी दी है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण जारी रहेगा।