पावर कारपोरेशन एक्सईएन पर 25 हजार का जुर्माना
- आरटीआई का जवाब न देने पर सूचना आयुक्त ने लगाया जुर्माना
- तीन माह के अंदर वेतन से वसूली के दिए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
आरटीआई का जवाब न देने पर पावर कारपोरेशन के एक एक्सईएन पर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया है। सूचना आयुक्त ने जुर्माना की राशि को तीन माह के अंदर तत्कालीन एक्सईएन के वेतन से रिकवरी के आदेश दिए हैं।
एडवोकेट मदन मोहन गर्ग ने पावर कारपोरेशन के विद्युत वितरण खंड द्वितीय एक्सईएन से 16 सितंबर 2013 को पांच बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। एक्सईएन ने समयावधि में सूचना उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद इसके बाद एडवोकेट मदन मोहन ने प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष 12 नवंबर को अपील योजित की। इसके बाद भी एक्सईएन ने इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी। इसके बाद सितंबर 2014 में जन सूचना अधिकारी ने एक्सईएन को निर्देशित किया कि वह प्रार्थी को सूचना उपलब्ध कराकर आयोग के समक्ष देरी के लिए लिखित स्पष्टीकरण पेश करे। लगातार अपील के बाद भी एक्सईएन ने कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई। अब सूचना आयुक्त ने विद्युत वितरण खंड में 16 सितंबर 2013 को तैनाती रहे एक्सईएन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सूचना आयुक्त ने आदेश दिए हैं कि जुर्माना की धनराशि को तीन माह के अंदर एक्सईएन के वेतन से वसूलने के आदेश दिए हैं।