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अब नहीं गूंजेगी शिक्षण संस्थानों में शहनाई

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अब नहीं गूंजेगी शिक्षण संस्थानों में शहनाई
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- शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश अमल न करने वालों पर होगी कार्रवाई
- शासन का आदेश धरातल पर लाने के लिए शिक्षा विभाग ने गठित की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अब शिक्षण संस्थान सिर्फ पढ़ाई के लिए होंगे। वह धर्मशाला या होटल नहीं बनेंगे। बिगड़ते पढ़ाई के माहौल को देखते हुए प्रदेश सरकार ने स्कूलों के भवन में होने वाले शादी समेत व अन्य समारोह पर सख्ती से रोक लगा दी है। न मानने वालों पर सख्त कार्रवाई के लिए कहा है। वह चाहे आयोजक हों या स्कूल का स्टाफ।
शहर से लेकर देहात और कस्बों में शिक्षण संस्थानों में शादी समारोह आम बात थी। कई बार रोक की कोशिशें हुईं, लेकिन हालात नहीं बदले। नतीजतन, खामियाजा बच्चों को उठाना होता था। समारोह में लगने वाले टेंट और अन्य समाना के चलते उनकी पढ़ाई बाधित होती थी। इसी के चलते शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोबारा आदेश जारी किए कि किसी स्कूल, कालेज में शादी या समारोह नहीं होंगे। शासनादेश में स्पष्ट है कि राजकीय, अशासकीय व वित्तविहीन मान्यता प्राप्त माध्यमिक शिक्षण संस्थाओं के भवन व परिसर में निजी कार्यक्रम होने पर प्रबंधक व प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि समारोह के अलावा स्कूलों में कोचिंग सेंटर भी नहीं चल सकेगा। अधिकारियों को विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर जायजा लेने के आदेश दिए गए हैं। शासन के आदेश का पालन नहीं करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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