मासूम के इलाज में लापरवाही पर ईएमओ व फार्मासिस्ट पर गाज
- डीएम ने कार्रवाई के लिए संस्तुति कर शासन को भेजी रिपोर्ट
- जिला अस्पताल में दूध से जले बच्चे को नहीं मिला था इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिला अस्पताल में इलाज के लिए मासूम के साथ लापरवाही पाए जाने पर डीएम ने ईएमओ व फार्मासिस्ट के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को राधानगर निवासी फैमुद्दीन अपने डेढ़ वर्षीय मासूम को इलाज के लिए लेकर गया था। फैमुद्दीन ने बताया कि उसका बेटा घर पर खेलते हुए दूध से जल गया था। इस दौरान इमरजेंसी में तैनात ईएमओ डॉ. वेदपाल नागर ने बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतते हुए घंटों उसका इलाज नहीं किया था। बाद में बच्चे के जले हुए अंग को बाहर टंकी पर पानी से धोने के निर्देश उसके पिता को दिए थे। बाद में चिकित्सक ने अपने अधीनस्थ से मासूम के जले हुए अंग पर एक मरहम लगवा कर उसे घर भेज दिया था। पूरे प्रकरण के दौरान चिकित्सक व फार्मासिस्ट ने अपनी सीट से उठने की जहमत तक नहीं उठाई थी। पूरा प्रकरण मीडिया की सुर्खियां बना तो डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी ईएमओ डॉ. वेदपाल नागर व फार्मासिस्ट डॉ. शैलेश कृष्ण गौतम को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए कार्रवाई के लिए संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेज दी। इसके अलावा डीएम ने सीएमओ को आदेश दिए हैं कि दोनों को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए उनका तबादला किया जाए।
कोट
मामला काफी गंभीर है। डीएम के निर्देशानुसार सीएमएस को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। शीघ्र ही दोनों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी जाएगी। किसी भी हाल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे की जांच के बाद अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ