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पैसा लेकर शौचालय न बनाने वालों की होगी तलाश

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47 परिषदीय स्कूलों में 16.45 लाख से बनेंगे शौचालय
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- जिले में शौचालय विहीन हैं 21 बालक और 26 बालिकाओं के परिषदीय स्कूल
- बीएसए ने स्कूलों में शौचालय बनवाने को खींचा खाका
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले के 47 परिषदीय स्कूल अब शौचालय विहीन नहीं रहेंगे। इन स्कूलों में शौचालय निर्माण के लिए शासन से 16.45 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हो गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
जिले में 2400 से अधिक परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें से 21 बालकाें के और 26 बालिकाओं के स्कूल शौचालय विहीन थे। इसके चलते बच्चों को शौच आदि के लिए स्कूल से बाहर जाना पड़ता था। सबसे अधिक परेशानी छात्राओं को हो रही थी। उन्हें शौच के लिए या तो अपने घर या फिर स्कूल के पास घरों में जाना पड़ रहा था। हाल ही में सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक ने बीएसए को पत्र जारी कर जिले के शौचालय विहीन स्कूलों की संख्या मांगी थी। जिले के शौचालय विहीन 47 स्कूलों की लिस्ट मिलते ही शासन ने शौचालय बनवाने के लिए 16 लाख 45 हजार रुपये स्वीकृत करते हुए बीएसए कार्यालय को भेज दिए हैं। शासन से राशि मिलते ही बीएसए ने शौचालय निर्माण के लिए खाका खींच लिया है। बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि जिले के शौचालय विहीन 47 परिषदीय स्कूलों में शौचालय बनाने की तैयारी कर ली है। प्रत्येक शौचालय पर 35 हजार रुपये की राशि खर्च होगी। शौचालय निर्माण के लिए उन्होंने पत्र जारी कर एबीएसए आदि संबंधित अधिकारियों को काम शुरू करवाने का भी आदेश जारी कर दिया है।
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पैसा लेकर शौचालय न बनाने वालों की होगी तलाश
बुलंदशहर। सरकार से पैसा लेकर शौचालय न बनवाने वालों की तलाश होगी। इसके लिए जल्द ही अभियान चलेगा। डीपीआरओ ने जांच टीम बनाने का काम तेज कर दिया है। चेतावनी दी है कि यदि ऐसा कोई मामला मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले में ही नहीं, बल्कि देश भर में शौचालय बनाने और खुले में शौच से मुक्त को लेकर कार्य जारी है। जिले में भी गांव दर गांव शौचालयों का निर्माण कार्य चल रहा है। प्रदेश के कुछ जिलों में पैसा लेकर शौचालय न बनवाने के मामले सामने आने पर डीपीआरओ ने जिले में भी ऐसे मामले होने की आशंका जताई है। इसका पता करने के लिए टीम गठित कर जल्द ही अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। डीपीआरओ अमरजीत सिंह का कहना है कि जिले में जल्द ही अभियान चलाकर ऐसे पात्रों का पता किया जाएगा, जिन्होंने पैसा प्राप्त करने के बाद भी शौचालय नहीं बनाया है। हालांकि अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इसका पता लगाया जाना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा कोई मामला सामने आया तो संबंधित पात्र के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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