कर्जमाफी के बाद उपभोग प्रमाण पत्र जारी करेंगे बैंक
- कर्जमाफी वापस करने वाले किसानों की भी देनी होगी जानकारी
- एनआईसी के पोर्टल पर स्क्रॉल फीड करने को शासन ने दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। कर्जमाफी में किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए शासन ने आदेश जारी किए हैं। आदेशानुसार बैंकों को कर्जमाफी के बाद उपभोग प्रमाण पत्र जारी कर तीन दिनों में इसकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसके लिए शासन ने डीएम को आदेश जारी कर दिए हैं।
किसानों की कर्जमाफी को सफल बनाने के लिए शासन ने किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए कर्जमाफी के बाद उपभोग प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए हैं। कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने डीएम को आदेश जारी करते हुए कहा कि सभी बैंक कर्जमाफी के बाद जारी किए गए उपभोग प्रमाण पत्रों की जानकारी निर्धारित पोर्टल पर तीन दिनों के अंदर अपलोड करेंगे। आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए कहा कि इसके लिए एनआईसी ने स्क्रॉल फीड करने की तैयारी पूरी कर ली है। यदि किसी किसान के खाते में ऋण माफी की धनराशि जमा नहीं हो सकी है तो इसके कारणों को भी पोर्टल पर दर्ज करते समय अंकित किया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि किसानों को प्रमाण पत्र जारी करते समय ध्यान रखा जाए कि ऐसे किसानों को प्रमाण पत्र जारी न कर दिए जाएं, जिन्हें योजना का लाभ ही नहीं मिला है।
सबसे पहले पोर्टल पर भरना होगा स्क्रॉल ल
कर्जमाफी की धनराशि किसानों के खाते में जमा करने के बाद सबसे पहले बैंक अफसरों को पोर्टल पर दिए गए स्क्रॉल को भरना होगा। इसके बाद स्क्रॉल के अनुसार ऋण माफी प्रमाण पत्रों के वितरण प्रिंट किया जाएगा। इससे फर्जीवाड़े की संभावना पर रोक लग सकेगी।