दिन भर दफ्तर से गायब रहते हैं बिजलीघर प्रभारी
- समस्याओं को लेकर भटकते रहते हैं उपभोक्ता
- रात में अवैध वसूली करने के लिए खोलते हैं दफ्तर
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। लोगों की समस्याएं सुनने के लिए शासन ने अफसरों को सुबह नौ से 11 बजे तक दफ्तरों में बैठने के आदेश दिए हैं, लेकिन बिजलीघरों के प्रभारियों के दफ्तरों पर दोपहर तक ताले लटके रहते हैं। जबकि देर रात तक बिजलीघर प्रभारी अपने दफ्तरों में बैठकर उगाही करते हैं।
लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन द्वारा जी तोड़ प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। फरियादियों की समस्याएं सुनने के लिए शासन ने अफसरों को सुबह 9 से 11 बजे तक दफ्तर में बैठना अनिवार्य किया है। आदेशों के बाद भी बिजलीघरों के प्रभारियों के दफ्तरों पर दोपहर तक ताले लटके रहते हैं। जिसके कारण शिकायतों के निस्तारण के लिए अफसर लगातार चक्कर लगाते रहते हैं। नगर क्षेत्र में भी कई बिजलीघरों के प्रभारियों के दफ्तर दिन के बजाए रात में खुलते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रात में प्रभारी चेकिंग के नाम पर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली का धंधा करते हैं। जिसके लिए दफ्तर खोले जाते हैं। बताया कि जब भी कोई उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर प्रभारियों के पास जाता है तो वह बड़े अधिकारियों के पास भेजकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
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प्रतिदिन सुबह 9 से 11 बजे तक जेई का दफ्तर में बैठना आवश्यक है। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। समय से दफ्तर न पहुंचने वाले प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -- डीसी शर्मा, एक्सईएन, पावर कॉरपोरेशन