सहकारी बैंक के कर्ज से मुक्ति को करना होगा इंतजार
- प्रदेश के कई बैंकों द्वारा डाटा ऑनलाइन नहीं करने पर शासन ने लगाई रोक
- अफसरों का तर्क शासन के आदेश के बाद ही होगा अगला काम
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। यदि किसी किसान ने सहकारी बैंक से कर्जा लिया है तो उसे कर्ज से मुक्ति के लिए इंतजार करना होगा। इसका कारण है कि प्रदेश के कई बैंकों द्वारा अभी तक डाटा ऑनलाइन नहीं किया गया। इसके चलते शासन ने फिलहाल रोक लगा दी है।
जिले के बैंकों से शासन को मिले डाटा के अनुसार प्रशासन को कर्जमाफी के लिए एक लाख 68 हजार 303 किसानों की लिस्ट मिली थी। जिला स्तर पर इसमें से एक लाख 64 हजार 823 किसानों को शामिल किया गया था। इनमें आधार कार्ड से लिंक किसानों की संख्या 51 हजार 703 है, जबकि एक लाख 16 हजार 600 किसानों के आधार कार्ड नहीं हैं। जिला प्रशासन ने पहली लिस्ट में शामिल किसानों में से 23 हजार 140 किसानों की लिस्ट जारी करते हुए कर्ज की राशि प्राप्त करने के लिए शासन को डिमांड भेज दी है। लिस्ट में शामिल शेष किसानों का कर्ज माफी की कार्रवाई जारी है। अब जिला प्रशासन को शासन से आदेश मिला है कि कर्जमाफी में अभी सहकारी बैंकों के किसानों को शामिल न किया जाए। उधर, जिला कृषि अधिकारी अश्वनी कुमार सिंह का कहना है कि शासन के आदेश के बाद ही अगला काम किया जाएगा। फिलहाल आगामी आदेश मिलने तक कर्जमाफी में सहकारी बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों को शामिल नहीं किया जाएगा।