किसानों को बढ़ा मुआवजा मिलने की उम्मीद बढ़ी
- गुलावठी क्षेत्र में बाईपास के लिए अधिग्रहीत जमीन के लिए कर रहे हैं उचित मुआवजे की मांग
- जल्द ही किसानों के पक्ष में फैसला आने की उम्मीद
- मुआवजे के लिए किसान रोक चुके हैं हाईवे का निर्माण कार्य
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर।
मेरठ-बुलंदशहर हाईवे के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा मिलने की उम्मीद अब बढ़ गई है। हालांकि पूरा प्रकरण अभी डीएम कोर्ट में लंबित हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि जल्द ही डीएम किसानों के हित में फैसला करते हुए बढ़ा हुआ मुआवजा दिलाने के आदेश देंगी।
मेरठ-बुलंदशहर एनएच निर्माण के लिए एनएचएआई ने किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया था। जमीन अधिग्रहण कर विभाग ने गुलावठी क्षेत्र में बाईपास निर्माण का काम शुरू किया तो मुआवजा की धनराशि कम बताते हुए किसानों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसके बाद मजबूरन अधिकारियों को बिना कार्य किए वापस लौटना पड़ा। जब भी कोई अधिकारी गुलावठी में बाईपास के लिए कार्य शुरू करने की कोशिश करता है तो बड़ी संख्या में किसान एकत्रित होकर निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करते हैं। जिसके बाद किसानों ने डीएम से उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। पूरा प्रकरण अब भी डीएम कोर्ट में लंबित है। सूत्रों ने बताया कि जल्द ही पूरे प्रकरण में फैसला आने वाला है। बताया कि डीएम फिलहाल किसानों के हित में फैसला देने की तैयारी कर रही हैं। बताया जा रहा है कि 24 अगस्त को केस की सुनवाई होनी है संभव है कि इसी सुनवाई के दौरान डीएम अपना फैसला सुना देंगी।
अफसरों के न मिलने से किसान नाराज
भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अफसरों पर समय दिए जाने के बाद भी न मिलने पर नाराजगी जाहिर की है। इस बाबत तहसील अध्यक्ष रोहताश सिंह तेवतिया ने बताया कि अफसर कई बार समय दे चुके हैं, लेकिन अंतिम समय पर आवश्यक कार्य बताकर मुलाकात नहीं करते हैं। बताया कि सोमवार को एडीएम से मुलाकात हुई थी। इस दौरान एडीएम ने उन्हें न्याय दिलाने का पूरा आश्वासन दिया है।
मामला अभी डीएम कोर्ट में लंबित है। फिलहाल इस संबंध में अगली सुनवाई 24 को होनी है। अंतिम फैसला डीएम का ही होगा। -- अरविंद कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन
------- पुनीत शर्मा