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डेंगू, स्वाइन फ्लू समेत अन्य वेक्टर जनित बीमारियां नोटिफियेबल डिजीज घोषित

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डेंगू, स्वाइन फ्लू समेत वेक्टर जनित बीमारियां नोटिफियेबल डिजीज घोषित
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- शासनादेश के बाद सीएमओ ने निजी अस्पतालों को किया अलर्ट
- निजी अस्पतालों को देनी होगी डेंगू व स्वाइन फ्लू के मरीजों की जानकारी
- बिना सरकारी पैथोलॉजी में जांच के नहीं माना जाएगा डेंगू व स्वाइन फ्लू
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। शासन ने डेंगू, स्वाइन फ्लू समेत अन्य वैक्टर जनित बीमारियों को नोटिफियेबल डिजीज घोषित कर दिया है। उसके बाद निजी अस्पतालों में इन बीमारियों से ग्रसित आने वाले मरीजों की घोषणा से पूर्व सीएमओ को जानकारी देनी होगी। साथ ही सरकारी पैथोलॉजी में बीमारी का पता चलने पर ही इस बीमारी को माना जाएगा।
इन दिनों जिले में स्वाइन फ्लू व अन्य वैक्टर जनित बीमारियों ने कहर बरपा रखा है। अभी तक स्वाइन फ्लू के करीब पांच मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से एक महिला की मौत भी हो चुकी है। जबकि अन्य मरीजों का इलाज चल रहा है। आमतौर पर अक्तूबर में शुरू होने वाला प्रकोप इस बार अगस्त में ही शुरू होने से शासन की परेशानी बढ़ गई है। अब शासन ने आदेश जारी करते हुए स्वाइन फ्लू, डेंगू व अन्य वैक्टर जनित बीमारियों को नोटिफियेबल डिजीज घोषित किया है। साथ ही आदेश दिए हैं कि यदि किसी भी निजी या सरकारी अस्पताल में इन बीमारियों से ग्रसित मरीज आता है तो संचालकों को पहले इसकी जानकारी सीएमओ को देनी होगी। सीएमओ की ओर से इन मरीजों के सैंपल लेकर सरकारी पैथोलॉजी में जांच के लिए भेजा जाएगा जहां से पुष्टि होने के बाद ही मरीज को डेंगू, स्वाइन फ्लू या अन्य बीमारियों से ग्रसित माना जाएगा। इससे न केवल निजी अस्पताल संचालक व पैथोलॉजी लैब संचालकों की मनमानी पर रोक लग सकेगी बल्कि मरीजों को भ्रम से भी बचाया जा सकेगा।
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बुखार के करीब सौ मरीज हैं भर्ती
रविवार को जिला अस्पताल में बुखार व संबंधित रोगों से ग्रसित करीब सौ मरीज अस्पताल में भर्ती थे। बताया जा रहा है कि अस्पताल में प्रतिदिन औसतन तीन हजार मरीज आ रहे हैं जिनमें से सर्वाधिक मरीज बुखार व अन्य संबंधित बीमारियों से ग्रसित हैं। बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल प्रशासन के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। वर्तमान में जिला अस्पताल के 247 बेड मरीजों से भरे हैं। हालांकि अभी तक डेंगू या स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए बनाए गए वार्ड में कोई मरीज भर्ती नहीं किया जा सका है।
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शासन ने मच्छर जनित बीमारियों को नोटिफियेबल डिजीज घोषित किया है। निजी अस्पताल व लैब संचालकों को डेंगू या स्वाइन फ्लू समेत अन्य बीमारियों के मरीज की पूरी जानकारी देनी होगी। जांच के बाद ही बीमारी की असलियत पता चल सकेगी।
- डॉ. कैलाशनाथ तिवारी, सीएमओ
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