जिपं अध्यक्ष चुनाव: एक बड़े नेता के मैदान में आने से गरमाई सियासत
- तीन प्रत्याशियों में से एक प्रत्याशी को समझाकर नाम वापसी के लिए बना रहे योजना
- जाति विशेष के सदस्यों को इकट्ठा करने की कोशिश में लगे नेता जी
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव में एक बडे़ नेता के मैदान में कूदने से सियासत गरमा गई है। बताया जा रहा है कि नेताजी एक प्रत्याशी को समझा-बुझाकर चुनाव में न उतरने के लिए मना रहे हैं तो दूसरी ओर एक जाति विशेष के सदस्यों को एकत्रित कर एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। हालांकि ऊंट किस करवट बैठेगा यह कहना फिलहाल जल्दबाजी होगा।
बताते चलें कि सत्ता बदलने के साथ ही तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ भाजपाइयों ने अविश्वास प्रस्ताव दे दिया था। अपनी कुर्सी को जाते देख तत्कालीन अध्यक्ष ने कुर्सी बचाने के लिए जी जान लगा दी थी, लेकिन हार होते देख अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से जिला पंचायत अध्यक्ष का पद डीएम संभाल रहीं हैं। शासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए 22 को चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। चुनाव के लिए किसी भी पार्टी ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है। इसके बाद भी 16 अगस्त को हुए नामांकन में तीन प्रत्याशियों ने नामांकन किए थे। अब नाम वापसी की प्रक्रिया 19 अगस्त को पूरी की जानी तय है।
बताया जा रहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले ही प्रदेश के एक बड़े नेता ने चुनावी मैदान में कदम रख दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नेता जी के मैदान में कदम रखते ही चुनावी चकल्लस बढ़ गई है। हालांकि कुछ सूत्रों का दावा है कि अंदरखाने सब सेटिंग हो चुकी है। सेटिंग के विपरीत जाने वाले को बैठाने के लिए ही नेताजी ने मैदान में कदम रखा है। वहीं दूसरी ओर सूत्रों का दावा है कि नेता जी तीन में से एक प्रत्याशी को नाम वापसी के लिए मनाने में लगे हैं। साथ ही एक जाति विशेष के जिपं सदस्यों को एक कर, एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि नेताजी की रणनीति कितनी सफल होती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
एक गैर भाजपाई की संभावना है सबसे प्रबल
जिपं अध्यक्ष पद के लिए तीन प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। बताया जा रहा है कि एक गैर भाजपाई प्रत्याशी ने पहले ही भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों से सेटिंग कर पूरी तैयारी कर ली है। लोगों में चर्चा है कि अंदरखाने सेटिंग होने के चलते इसी प्रत्याशी के अध्यक्ष बनने की संभावना सबसे प्रबल है।