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बुखार के मरीजों की भरमार, पंखा बंद ‘बीजना’ से हो रही बयार

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बुखार के मरीजों की भरमार, पंखा बंद ‘बीजना’ से हो रही बयार
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- सरकारी अस्पतालों में रोजाना आ रहे बुखार के करीब तीन हजार करीब
- अस्पतालों में मरीजों के लिए नहीं हैं गर्मी से बचने के साधन
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर/सिकंदराबाद/खुर्जा।
जिले में बुखार से लोगों के हाल बेहाल हैं। जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में रोजाना करीब तीन हजार मरीज बुखार के आ रहे हैं। प्रतिदिन बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि होने से स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी परेशान हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या से जहां अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं। वहीं, मरीजों को उपचार के लिए घंटों लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ रहा है। दूसरी ओर अस्पतालों में भीषण गर्मी में पंखे व रोशनी के पर्याप्त इंतजाम न होने से मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मरीजों को हाथ के पंखे ‘बीजना’ से काम चलाना पड़ रहो है।
सरकारी अस्पतालों के रिकॉर्ड के अनुसार प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में औसतन प्रतिदिन 3200 मरीज आ रहे हैं, जिनमें से 1800 से अधिक मरीज बुखार से ग्रसित आ रहे हैं। जबकि, खुर्जा में 700 और सिकंदराबाद में भी 700 के आसपास बुखार के मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो रहा है। दोनों क्षेत्रों के अस्पतालों में आने वाले मरीजों में 70 फीसदी मरीज बुखार व संबंधित बीमारियों के आ रहे हैं। मरीजों के बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचने से अस्पतालों की व्यवस्थाएं चरमरा गई है। मरीजों और तीमारदारों को भीषण गर्मी में पंखे नहीं चलने से काफी परेशानी हो रही है। वार्डों में पर्याप्त सफाई न होने से भी मरीजों व तीमारदारों को बदबू से जूझना पड़ रहा है। मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि ने चिकित्सकों पर भी भार बढ़ गया है। चिकित्सकों को अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है। अतिरिक्त ड्यूटी करने के चलते चिकित्सकों का हाल भी बेहाल है।
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रविवार को भी लगी मरीजों की भीड़
रविवार को अवकाश होने के बाद भी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की भीड़ रही।
इमरजेंसी में कुल 17 मरीजों ने बुखार से संबंधित बीमारियों की दवाई ली। इनमें से पांच मरीजों को चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने के चलते अस्पताल में भर्ती कर लिया।

सभी अस्पतालों के प्रभारियों को समय से दवाई उठाने के लिए आदेश कर दिए हैं। फिलहाल अस्पतालों में दवाई पूरी हैं। मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं को हर संभव जारी रखने की कोशिश की जा रही है। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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अपंजीकृत चिकित्सक से न कराएं इलाज
जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजीव कुमार वर्मा ने बताया कि बुखार आने के बाद मरीज को सबसे पहले विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। मरीजों को किसी भी हालत में अपंजीकृत चिकित्सकों के पास नहीं जाना चाहिए। साथ ही जब तक चिकित्सक न कहे तब तक नियमित व आवश्यक रूप से दवाई लेनी चाहिए। इसके अलावा तेज बुखार की स्थिति में परिजनों को मरीज के सिर पर गीले कपड़े की पट्टी रखनी चाहिए।

बुखार से बचाव के उपाय
- घर या दुकान के आसपास पानी एकत्रित न होने दें।
- कूलर में पानी का प्रयोग करने से बचें।
- यदि कूलर में पानी का प्रयोग करें तो तीन दिन में पानी अवश्य बदलें।
- शाम व रात को पूरे कपड़े पहने।
- सिर या बदन दर्द होने पर विशेषज्ञ से संपर्क करें।
- एक साथ धूप से आकर एसी या कूलर के सामने न बैठें।
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