डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना समाप्त
- शासन के अपर मुख्य सचिव का प्रशासन को मिला आदेश
- अब समग्र ग्रामों में नहीं होगा विकास, अधूरे रह गए लोहिया आवास
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। सपा के शासन में चलाई गई डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना समाप्त हो गई है। शासन के अपर मुख्य सचिव का प्रशासन को पत्र मिल चुका है। योजना समाप्त होने पर अब समग्र ग्रामों का विकास नहीं होगा और लोहिया आवास भी अधूरे रह गए हैं।
सपा के शासनकाल में डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत जिले में 138 गांवों का चयन किया गया था। वर्ष 2016-17 में चयनित 29 गांवों में विकास कार्य शुरू ही नहीं हुआ। जबकि इससे पहले चयनित 109 गांवोें में काफी विकास कार्य हुए। योजना के तहत आखिर में चयनित 29 गांवों के लोगों को विकास की आस थी। मगर, भाजपा की प्रदेश में सरकार आते ही इन गांवों में विकास कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ।
इस योजना के तहत लोहिया आवास भी बनाए गए। चुनाव से पहले जिले में 400 के आसपास लोहिया आवास अधूरे रह गए। इन आवासों को चुनाव से पहले एक किस्त मिल चुकी थी, जबकि दूसरी किस्त अभी तक नहीं मिली। अब योजना समाप्त होने से आवास को मिलने वाली दूसरी किस्त के मिलने की भी उम्मीद नहीं रही है। शासन के अपर मुख्य सचिव नवतेज सिंह ने प्रशासन को पत्र भेजकर डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना को समाप्त किए जाने की जानकारी दी है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि इस योजना के निर्धारित पांच वर्षों की समावधि 31 मार्च 2017 को पूर्ण हो जाने के फलस्वरूप इसे समाप्त किया जाता है।
सीडीओ जसजीत कौर ने बताया कि शासन के अपर प्रमुख सचिव ने पत्र भेजकर डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना समाप्त होने की जानकारी दी है। इसके चलते यह योजना समाप्त हो गई है।