कहीं बैंक तो नहीं कर रहे कर्जमाफी में ‘खेल’
- कर्जमाफी की सूची में ऋण जमा कर चुके किसानों के भी नाम
- सत्यापन के लिए गांव पहुंच रहे लेखपाल की सूची में आ रहे ऐसे नाम
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
कहीं बैंक किसानों के कर्जमाफी को लेकर खेल तो नहीं कर रहे हैं। दरअसल कर्जमाफी की सूची में ऋण जमा कर चुके किसानों का नाम भी शामिल किया गया है। यहीं नहीं ऋण जमा करने वाले किसानों के दर्ज नामों का सत्यापन लेखपाल गांव-गांव जाकर कर रहे हैं। इसे लेकर किसान भी असमंजस की स्थित में हैं।
जिले के बैंकों से शासन को मिले डाटा के अनुसार प्रशासन को कर्जमाफी के लिए एक लाख 68 हजार 303 किसानों की लिस्ट मिली थी। जिला स्तर पर इसमें से एक लाख 64 हजार 823 किसानों को शामिल किया गया। इनमें आधार कार्ड से लिंक किसानों की संख्या 51 हजार 703 है, जबकि एक लाख 16 हजार 600 किसानों के आधार कार्ड नहीं हैं। जिला प्रशासन ने शासन के आदेश पर अपना काम पूरा कर सभी किसानों का डाटा 27 जुलाई को भेज दिया था। शासन को आधार कार्ड से लिंक किसानों को पहली लिस्ट प्राप्त हो गई है। सूची में दर्ज नामों के आधार पर लेखपाल गांव-गांव सत्यापन कर रहे हैं। इस सूची में उन किसानों के नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने कर्जमाफी की घोषणा से पहले ही कर्ज जमा कर दिया था। ऐसा ही मामला शिकारपुर क्षेत्र के गांव भैंसरौली नासिरपुर में आया। ग्राम प्रधान राजीव शर्मा ने बताया कि सत्यापन के लिए लेखपाल जो कर्जमाफी की सूची लेकर गांव आया था, उसमें कई करीब 33 ऐसे किसानों के नाम शामिल थे, जो कर्जमाफी की घोषणा से पहले ही कर्ज जमा कर चुके हैं। इसी तरह और भी ऐसे कई गांव हैं जहां के किसान घोषणा से पूर्व कर्ज जमा कर चुके हैं। ऐसे में कर्ज जमा कर चुके किसान असमंजस की स्थित में हैं। बैंक अफसरों की मानें तो कर्ज माफी की घोषणा से पहले जिन किसानों ने कर्ज जमा कर दिया है उनकी रकम वापस की जाएगी। वहीं कर्ज माफी को लेकर किसान उहापोह की स्थित में हैं।
कर्जमाफी की सूची में वहीं किसान शामिल हैं, जिन्होेंने 31 मार्च 2016 से पहले कर्ज लिया था। 1 अप्रैल 2016 के बाद भले ही उन्होंने कर्ज जमा कर दिया हो। ऐसे किसानों को कर्जमाफी की सूची में शामिल किया है। - सतपाल मेहता, लीड बैंक मैनेजर