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एक छात्रा समेत 11 महिलाओं की कटी चोटी

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एक छात्रा समेत 11 महिलाओं की कटी चोटी
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- बुलंदशहर, खुर्जा, जहांगीराबाद, गुलावठी, सिकंदराबाद और शिकारपुर में हुईं घटनाएं
- भूड़ क्षेत्र में असली के चक्कर में कट गई महिला की नकली चोटी
- एक युवती ने चोटी कटने के बाद परिजनों ने मीडिया को नहीं दी जानकारी
- पुलिस-प्रशासन के अफसर चोटी कटने की घटनाओं को अब भी बता रहे अफवाह
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जनपद में महिलाओं/युवतियों की चोटियां कटने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार रात से लेकर सोमवार दोपहर तक अलग-अलग स्थानों पर आठ महिला, दो नाबालिग छात्रा और एक युवती समेत 11 की चोटियां कट गईं। एक महिला की असली चोटी के चक्कर में नकली चोटी भी कट गई। घटना के बाद कुछ महिलाओं-युवतियों की हालत बिगड़ गई और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। तरह-तरह की अफवाहों और अंधविश्वास भरी चर्चाएं लगातार बढ़ रही हैं। रात भर लोग जाग-जाग कर पहरा दे रहे हैं। पुलिस भी इस अफवाह को रोकने में नाकाम है।
केस-1
रविवार रात भूड़ क्षेत्र में रविवार रात शबनम(32) अपने बच्चों के साथ सो रही थी। थोड़ी ही दूर पर पति और अन्य परिजन सो रहे थे। पति अनवार ने बताया कि सोमवार सुबह करीब छह बजे शबनम को उठाने की कोशिश की तो वह बेहोश मिली। चारपाई के पास उसकी चोटी कटी पड़ी थी। शबनम को फौरन ही निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका उपचार चल रहा है। परिजनों ने बताया कि शबनम ने अपनी चोटी के साथ ऑर्टीफिशियल चोटी भी लगा रखी थी।
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केस-2
खुर्जा कोतवाली क्षेत्र के गांव सरावा में सोमवार सुबह आठ बजे आस मोहम्मद की पत्नी खैरुन्निशां अपने घर पर कुछ काम कर रही थी। इस दौरान अचानक महिला की चोटी कटकर नीचे गिर पड़ी। चोटी गिरते ही महिला चीख मारते हुए जमीन पर नीचे गिर पड़ी। बेहोशी की हालत में खैरुन्निशां और चोटी कटी देख परिजनों के होश उड़ गए। महिला को काफी देर बाद होश आया। चोटी काटने की सूचना पर पुलिस भी गांव में पहुंच गई। होश में आने के बाद खैरुन्निशां ने कहा कि चोटी कटने से पूर्व एक साया जैसा पीछे से महसूस किया। पूरे मामले को लेकर परिजन भी सकते में हैं।
केस-3
वाजिदपुर गांव निवासी मुबीन पत्नी जावेद रविवार रात घर पर सो रही थी। रात करीब 11 बजे मुबीन को कुछ महसूस हुआ और वह हड़बड़ा कर जग गई। जगने के बाद मुबीन ने देखा कि उसकी चोटी भी कटी हुई थी। कटी चोटी देख चीखते हुए मुबीन बेहोश हो गई। सो रहे परिजन भी जग गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। आनन-फानन में परिजन बेहोश मुबीन को लेकर अलीगढ़ स्थित अस्पताल ले गए। जहां उपचार के बाद महिला की हालत में कुछ सुधार बताया जा रहा है। हालांकि अभी भी पूरी तरह से मुबीन को होश नहीं आया है। इस घटना को लेकर परिजन और गांव के लोग काफी डरे हुए हैं।
केस-4
गुलावठी थाना क्षेत्र के गांव भमरा में रिहाना (35) पत्नी मो. आकिल अपने घर पर अकेली थी और कपड़े पर डिजाइनिंग का काम कर रही थी। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे रिहाना की चोटी कट गई तथा वह बेहोश हो गई। चोटी कटने की सूचना पर उसके घर पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। रिहाना को सीएचसी ले जाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है।
केस-5
गुलावठी थाना क्षेत्र के गांव मिट्ठेपुर में सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे शमीम(38) पत्नी नसरुद्दीन की चोटी कट गई। परिजनों ने बताया कि नमाज पढ़ने के बाद वह घर पर कुछ कार्य करने लगी। अन्य परिजन घर में सोए हुए थे। इस बीच उसकी चोटी कट गई। जब ग्रामीणों को घटना की जानकारी लगी तो मौके पर भीड़ जमा हो गई। चोटी कटने की घटनाओं से महिलाओं में दहशत बढ़ती जा रही है। बता दें कि गुलावठी में 24 घंटे के भीतर पांच महिलाओं की चोटियां कट चुकी हैं।
केस-6
जहांगीराबाद के मोहल्ला रोगनग्रान में रविवार रात करीब एक बजे कमलेश पत्नी सुभाष की सोते समय चोटी कट गई। चोटी कटने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। सुबह पांच बजे परिजनों ने सीएचसी में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं दूसरी घटना नगर के मोहल्ला नई बस्ती में हुई, लेकिन युवती के परिजनों ने मीडिया के सामने आने को मना कर दिया है। अब तक जहांगीराबाद क्षेत्र में चार महिला/युवतियों की चोटी कट चुकी है।
केस-7
जहांगीराबाद के मोहल्ला नुरबफान निवासी सरदार खां की धेवती नाजरीन पुत्र फकरुद्दीन सोमवार दोपहर दो बजे पढ़ाई कर रही थी। अचानक वह बेहोश हो गई। परिजनों ने देखा कि पास में ही उसकी चोटी कटी हुई पड़ी है। परिजनों ने उसे हॉस्पिटल पहुंचाया जहां, उसका उपचार चल रहा है।
केस-8
शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव पलरा निवासी पवन सिंह की 14 वर्षीय पुत्री डॉली करौरा स्थित आदर्श वैदिक इंटर कॉलेज की छात्रा है। रविवार रात वह परिजनों के साथ सोई हुई थी। सुबह उठने पर देखा तो उसकी चोटी कटी हुई मिली। चोटी कटने की खबर लगते ही ग्रामीण उसके घर इकट्ठा होने लगे। चोटी कटने की अफवाह से पूरा घर दहशत में है।
केस-9
सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव सरायघासी निवासी राजो(55) के परिजनों ने बताया कि रविवार रात करीब 11.30 बजे राजो गाय को चारा डालने के लिए गई थी। परिवार के सभी लोग घर के प्रथम तल पर थे। बताया कि अचानक राजो के चिल्लाने की आवाज पर परिजन नीचे पहुंचे तो वह बेहोशी पड़ी थी। पास में ही उसकी चोटी कटी पड़ी थी। परिजनों ने बताया कि घर का मुख्य दरवाजा भी बंद था। राजो का स्थानीय चिकित्सक से उपचार कराया गया। राजो ने बताया कि उसे पीछे से किसी ने धक्का दिया और वह बेहोश हो गई। होश आया तो चोटी कटी हुई थी। जैसे ही ग्रामीणों को चोटी कटने की सूचना मिली तो ग्रामीणों का राजो के घर पर तांता लग गया। घटना से महिलाओं में दहशत है।
केस-10
गांव अमरगढ़ निवासी उमा देवी पत्नी सुंदर सिंह अपनी घर के आंगन में सो रही थी। अचानक रात के 2 बजे महिला ने सिर पर वजन होने का आभास हुआ और उसकी चोटी खिंची। तभी महिला की चीख निकल गई। पास में ही सो रहे महिला के पति की भी आंख खुल गई। देखा तो उमा के बाल कट चुके थे। जिससे महिला बेहोशी की हालत में रही। सबसे मुख्य बात यह है कि महिला के बाल कटने के बाद बाल नहीं मिले हैं। इस घटना से परिवार के अन्य सदस्यों व मोहल्ले वालों में डर व्याप्त है।

चोटी काटने की अफवाह पर विराम का आह्वान
स्याना। व्यापार मंडल की स्याना इकाई द्वारा चोटी काटने की अफवाहों एवं चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार करने का आह्वान किया गया। नगर के व्यापार मंडल कार्यालय पर हुई बैठक को संबोधित करते हुये नगर अध्यक्ष राजेश चौहान ने कहा कि लोग पर्वों के साथ-साथ राष्ट्रनिर्माण के मुद्दों पर भी जागरूक बनें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चोटी काटने की अफवाहों से समाज में भय फैल रहा है, जिसके लिए लोगों को जागरूक बनना पड़ेगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संरक्षक रतन लाल अग्रवाल ने कहा कि इस बार चाइनीज राखियों के बहिष्कार के चलते लोगाें में देशप्रेम की भावना जागृत हुई है। संजय चौहान के संचालन में हुई बैठक में हरिओम वर्मा, वैभव रस्तौगी, राहुल राय, साकिब चौधरी, संजू राय, जमील अहमद आदि मौजूद रहे।
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चोटी कटने के मामले को लेकर महिलाओं में दहशत
औरंगाबाद में चोटी कटने मामले को लेकर औरंगाबाद ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में दहशत का माहौल बना हुआ है। महिला अपनी चोटी की सलामती रखने के लिए अपने मकान के दरवाजों पर नींबू, हरी मिर्च, नीम की टहनी और हल्दी, मेंहदी के थापे लगा रहीं है। रात के समय मकान के दरवाजे पर आग की अंगारी पर लोहबान और गंधक डालकर देर रात तक जागती हैं। हालांकि औरंगाबाद क्षेत्र के किसी भी गांव में चोटी काटने की कोई घटना घटित नहीं हुई है। इसके बावजूद महिलाओं में खौफ बना हुआ है। चोटी कटने से बचने के लिए महिलाएं अनेक उपाय करने में लगी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्र में जिधर देखो उधर ही चोटी कटने की चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला यहां तक ही नहीं महिलाएं अपनी चोटी में लहसुन रखकर घर का काम करती हैं। यही हाल अगौता थाना क्षेत्र के गांवों का बना हुआ है। कुछ गांवों में तो भीख मांगने वालों को भी भगाया जा रहा है। चोटी कटने का सही तरीके से खुलासा न होने पर लोग सकते में हैं। जिसमें कुछ लोग तो इसे अफवाह बता रहे हैं तो कुछ लोग इसे किसी का साया मान रहे हैं। कुछ गांवों में तो रात्रि के समय लोग गुप्त रूप से पहरा दे रहे हैं।
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