अस्पताल से प्रसूता की फाइल गायब, भड़के परिजन
- जिला अस्पताल में 26 जुलाई से भर्ती है प्रसूता
- फाइल गुम होेने से प्रसूता को नहीं किया गया डिस्चार्ज
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिला महिला अस्पताल से प्रसूता को डिस्चार्ज न करने से परेशान परिजनों ने बुधवार को जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। घंटों चले हंगामे के बाद भी कोई स्वास्थ्य अफसर मौके पर नहीं पहुंचा।
नरसेना क्षेत्र के गांव बलरामपुर निवासी कुमकुम को 26 जुलाई को प्रसव पीड़ा के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 जुलाई को ही गांव के कुछ दबंगों ने गर्भवती महिला व उसके परिजनों के साथ मारपीट की थी। पूरे प्रकरण में पुलिस ने तहरीर पर ग्राम प्रधान समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। मारपीट में घायल महिला को समय से पहले ही प्रसव पीड़ा होने लगी, जिसके चलते 26 जुलाई को उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। 27 जुलाई को महिला ने बच्चे को जन्म दिया। बच्चे की तबीयत खराब होने के चलते परिजन उसे गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में ले गए। बताया जा रहा है कि प्रसूता को 28 जुलाई को डिस्चार्ज करना था, लेकिन अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के कारण उसकी फाइल गुम हो गई। फाइल गुम होने से गत चार दिनों से प्रसूता को डिस्चार्ज नहीं किया गया है। मंगलवार की शाम प्रसूता को डिस्चार्ज कराने के लिए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। सीएमएस डॉ. वीना रानी ने लोगों को किसी तरह शांत करवाया।
कोट
प्रसूता की फाइल गुम होने के चलते लोगों के हंगामा करने की जानकारी मिली है। वीसी में होने के चलते मैं मौके पर नहीं पहुंच सका हूं। इस बाबत लोगों की मदद के लिए सीएमएस को फोन कर दिया है। - डॉ. कैलाशनाथ तिवारी, सीएमओ