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गैर इरादतन हत्या में दो को 10-10 साल की सजा

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गैर इरादतन हत्या में दो को 10-10 साल की सजा
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- न्यायाधीश ने दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का लगाया अर्थदंड
- वर्ष 2009 में धोखे से अज्ञात व्यक्ति की पीट-पीटकर कर दी थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। थाना खुर्जा देहात क्षेत्र के गांव रूपवास पंचगाई में अज्ञात व्यक्ति की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी मानते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम हुसैन अहमद अंसारी के न्यायालय ने दिया है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मोहम्मद इकबाल खान ने बताया कि थाना खुर्जा देहात में तैनात तत्कालीन एसआई श्रीराम भासी ने 16 सितंबर 2009 को थाना खुर्जा देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि वह टीम के साथ रोड पर चेकिंग कर रहे थे। एसओ अजय कुमार अग्रवाल ने सूचना दी थी कि गांव रूपवास पंचगाई में संदिग्ध लोग घूम रहे हैं। उन्हें पकड़कर गांव वाले मारपीट कर रहे हैं। सूचना पर श्रीराम टीम के साथ पहुंच गए। गांव पंचगाई निवासी विनोद, महेंद्र, सतवीर व श्यौराज आदि लोग हाथों में लाठी-डंडा से अज्ञात व्यक्ति को पीट रहे थे। पिटने वाला पागलों जैसी हरकत कर रहा था। ग्रामीणों ने अज्ञात को पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया था। घायल अज्ञात को खुर्जा अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद महेंद्र पुत्र महावीर, सतवीर पुत्र शिब्बू, विनोद पुत्र लखमी, श्यौराज पुत्र रनवीर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी। कोर्ट में केस चलने के दौरान सतवीर व श्यौराज की मौत हो गई। कोर्ट में वादी समेत तमाम गवाहों के बयान दर्ज किए गए। न्यायाधीश ने दोनों अधिवक्ताओं की दलील, गवाह और सबूतों के आधार पर महेंद्र व विनोद को दोषी मानते हुए 10-10 साल की सजा व 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न होने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया है।
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