एक एनपीआरसी और तीन प्रधानाध्यापक निलंबित
परिषदीय स्कूलों के बच्चों के बैग पर कालिख पोतने के आरोप में बीएसए ने एक एनपीआरसी और तीन प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया है। वहीं एबीआरसी को जहांगीराबाद ब्लॉक से हटाकर अपने कार्यालय में अटैच कर दिया है।
उन्होंने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। इस मामले में कई और शिक्षकों पर भी गाज गिर सकती है। शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं को निशुल्क बैग दिए जाते हैं।
जो बैग वितरित किए जाने थे, उन पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फोटो छपी हुई थी। इस कारण मौजूदा सरकार ने इन बैगों के वितरण पर रोक लगा दी थी। जहांगीराबाद क्षेत्र में मामला उजागर हुआ कि इन बैगों पर कालिख पोत दी गई।
इसे बीएसए ने गंभीरता से लिया और बुधवार को एक एनपीआरसी और तीन प्रधानाध्यापकाें को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। इसी के साथ क्षेत्र के एबीएसए को हटाकर बीएसए कार्यालय से अटैच कर दिया।
इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए बीएसए ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। निलंबित होने वालों में प्राथमिक विद्यालय जटवाई में तैनात एनपीआरसी नीरज कुमार, प्राथमिक विद्यालय नवीनगर की प्रधानाध्यापिका रिजवाना परवीन, उच्च प्राथमिक विद्यालय नवीनगर के प्रधानाध्यापक शमशूल हसन और प्राथमिक विद्यालय नवीनगर-दो के प्रधानाध्यापक सुधीर कुमार शामिल हैं।
इसी तरह जहांगीराबाद ब्लॉक के एबीएसए राजेंद्र प्रसाद को हटाकर बीएसए कार्यालय में अटैच किया गया है। इस संबंध में बीएसए अजीत सिंह ने कहा कि स्कूली बैगों पर कालिख पोतने का मामला गंभीर है। जांच टीम की रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।