घुमड़-घुमड़ कर आए बादल वापस लौटे
आसमान में घुमड़-घुमड़ कर बादल आए तो सही, मगर बिन बरसे ही वापस लौट गए। बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं उमस भी लोगों को बेहाल कर रही है।
बारिश के आसार बन तो रहे हैं, लेकिन बार-बार बदल रही मौसम की रंगत को लेकर मौसम वैज्ञानिक अब असमंजस में हैं। मानसून की बारिश शुरुआत में अच्छी हुई।
संभावना जताई जा रही थी कि आगे भी अच्छी बारिश होगी, मगर पिछले एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बारिश नहीं हो रही। जबकि आसमान में बादल छा रहे हैं। कई बार लगता है कि बारिश होगी, लेकिन बिन बरसे ही बादल लौट जाते हैं।
ऐसे में किसानों को चिंता बढ़ गई है कि बारिश नहीं हुई तो फसलों खासकर धान की सिंचाई करना मुश्किल हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर बादल और फिर धूप निकलने से उमस बरकरार है जो लोगों को परेशान कर रही है।
रविवार को अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 37 और न्यूनतम 29 डिग्री होने की संभावना है।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि इस समय बारिश की सख्त जरूरत है। कई बार बारिश होने के आंकड़े बनते हैं और बादल भी छा जाते हैं।
मगर, बार-बार बदल रही मौसम की रंगत और बारिश नहीं होने से असमंजस की स्थिति बन रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मंगलवार को अच्छी बारिश के आसार बन रहे हैं।