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फ्रेट कॉरीडोर के किनारे लगेंगी इंडस्ट्रीज, बरसेगा ‘रोजगार’

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फ्रेट कॉरीडोर के किनारे लगेंगी इंडस्ट्रीज, बरसेगा ‘रोजगार’
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जनपद की सीमा से गुजर रहे ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर की दोनों साइड औद्योगिक विकास का खाका खींचा जाएगा। इंडस्ट्रीज स्थापित होने से न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि व्यापार को भी मजबूती मिलेगी।

इससे काफी हद तक जिले में विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा। बजट में कारीडोर के किनारे औद्योगिक विकास को लेकर सरकार ने संजीदगी दिखाई है। वर्ल्ड बैंक के सहयोग से केंद्र सरकार बुलंदशहर, खुर्जा और सिकंदराबाद में ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर परियोजना का निर्माण करवा रही है।
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खुर्जा और दादरी में कॉरीडोर के तहत सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यहां पर विशाल गोदामों का निर्माण होगा। फ्रेट कारीडोर की पटरियों पर तेज गति वाले मालवाहक वाहन फर्राटा भरेंगे। कारीडोर की दोनों साइड इंडस्ट्रियल विकास होगा। शासन की योजना दोनों साइड बड़ी कंपनियों को स्थापित कराने की है।

शासन का मानना है कि जब ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा सुलभ हो जाएगी तो उद्यमियों का रुझान कारीडोर की ओर बढ़ जाएगा। कॉरीडोर काफी हद तक परिवहन की लागत को कम करेगा।

इतना ही नहीं क्षेत्र में औद्योगिक विकास होने से बेरोजगारों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। एक अनुमान के मुताबिक औद्योगिक विकास होने से जिले में कम से कम एक लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।
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व्यापारी बोले
कॉरीडोर की दोनों साइड औद्योगिक विकास होने से छोटे व्यापारियों को कच्चा माल के लिए बाहर नहीं दौड़ना पड़ेगा।
- शिवम बंसल

कच्चा माल मंगाने और भेजने में खर्च आता था। कॉरीडोर के किनारे सब उपलब्ध होगा तो व्यापार मजबूत होगा।
- दिव्य अग्रवाल

सरकार का कदम सराहनीय है। कॉरीडोर की साइड इंडस्ट्रीज लगने से किसानों को जमीन का उचित मूल्य मिलने लगेगा।
- अरुण कंसल

कच्चे माल की उपलब्धता आसान हो जाएगी। इससे खर्च कम होगा और लोगोें को रोजगार भी मिलेगा।
- संजय माहेश्वरी

विपक्ष ने नकारा बजट, कहा खोखला
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
सरकार के पहले बजट को विपक्षी दल सपा, बसपा कांग्रेस और रालोद ने पूरी तरह नकार दिया है। पार्टी के जिलाध्यक्षों ने बजट को खोखला बताया है। साथ ही कहा है कि बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं हैं। किसान, व्यापारियों और बेरोजगारों को छला गया है। हालांकि भाजपा ने बजट को आम आदमी का बजट बताया है।


लोक लुभावन बजट है। आम आदमी को कोई राहत नहीं दी गई है। किसान व्यापारी और बेरोजगारों को छला गया है।
- अब्दुल रब, जिलाध्यक्ष, सपा

आम आदमी, किसान और व्यापारी जिस कारगर बजट की उम्मीद लगाए हुए थे उनको गहरा झटका लगा है। बजट में सभी छले गए हैं।
- सुभाष गांधी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस

बेदम बजट है। किसान, व्यापारी गरीब के लिए बजट में कुछ नहीं है। बजट भी भाजपा की तरह हवा हवाई साबित हुआ है।
- विनोद राव, जिलाध्यक्ष, बसपा

बजट हवा हवाई है। आम आदमी बजट के बाद खुद का ठगा महसूस कर रहा है। किसानों को बजट में कोई तवज्जो नहीं मिली।
- राजीव चौधरी, जिलाध्यक्ष, रालोद

बजट में हर तबके को अहमियत दी गई है। किसानों की कर्ज माफी से लेकर गरीब, आम आदमी, व्यापारियाें के हितों को ध्यान में रखा गया है।
- हिमांशु मित्तल, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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