अब उतनी ही मिलेगी राशि, जितने बनाए जाएंगे शौचालय
शौचालय निर्माण में सामने आई गड़बड़ी को रोकने के लिए नए डीपीआरओ ने फेरबदल कर अपने तरीके से चलाने का निर्णय लिया है। डीपीआरओ के निर्णय के अनुसार अब शौचालय निर्माण को उतनी ही राशि मिलेगी, जितने बनाए जाएंगे।
सभी ग्राम प्रधान और सचिवों को 25-25 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। इतना ही नहीं शौचालय का निर्माण पूरा होने और जांच के बाद ही पात्र को चेक मिलेगा।
जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने का काम जारी है। शौचालय निर्माण कराने को पात्र के लिए सरकार की ओर से 12 हजार रुपये की राशि मिलती है।
तत्कालीन डीपीआरओ के कार्यकाल में अपात्रों के यहां शौचालय बनाने का खुलासा हुआ था। इस पर डीएम के आदेश पर 15 गांवों के शौचालयों की जांच में भी अपात्रों के यहां शौचालय बनाने का मामला उजागर हुआ था।
इस पर तकालीन डीपीआरओ को डीएम ने नोटिस जारी किया और जांच के आदेश दिए। इसी के चलते उनका तबादला हो गया और अब अपात्रों के यहां शौचालय बनाने वाले प्रधानों पर भी कार्रवाई के आदेश जारी हो गए हैं।
नए डीपीआरओ अमरजीत सिंह ने अपना चार्ज संभाल लिया है और उन्होंने शौचालय निर्माण में सामने आई गड़बड़ी को रोकने के लिए रणनीति बना ली है।
डीपीआरओ अमरजीत सिंह का कहना है कि शौचालय निर्माण में गड़बड़ी रोकने के लिए अब उतनी ही राशि मिलेगी, जितने शौचालय बनाए जाएंगे। इसके लिए ग्राम प्रधानाें और सचिवों को लक्ष्य निर्धारित कर दिया है।
शौचालय का निर्माण होने के बाद ही पात्र को राशि का चेक दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अफसरों को भी आदेश जारी कर दिया है कि इस कार्य में किसी तरह की हीलाहवाली न बरती जाए।
यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अफसर और कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।