फिटनेस में देरी पर अब परिवहन विभाग नहीं वसूलेगा विलंब शुल्क
बुलंदशहर। ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और फिटनेस में देरी पर अब आवेदकों को विलंब शुल्क जमा नहीं करना पड़ेगा। अब तक 50 रुपये प्रतिदिन वाहन फिटनेस और एक हजार रुपये डीएल नवीनीकरण के लिए आवेदक को जमा करने पड़ते थे। शासन स्तर से इस व्यवस्था को तत्काल लागू करने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के बाद एआरटीओ कार्यालय में सॉफ्टवेयर भी अपडेट कर दिया गया है।
भागदौड़ भरी जिंदगी में व्यस्तता के चलते डीएल धारक रिन्यूवल, वाहन पंजीकरण और वाहन की फिटनेस आदि की तारीख किसी कारणवश भूल जाते थे। जिसका खामियाजा उन्हें विलंब शुल्क जमा कर उठाना पड़ता था। परिवहन अफसरों के अनुसार डीएल नवीनीकरण की तिथि से एक माह बाद कोई आवेदक जाता था तो उसे एक हजार रुपये का विलंब शुल्क जमा करना पड़ता था। यदि दो साल हो गए तो उसे दो हजार रुपये और निर्धारित फीस जमा करके डीएल का नवीनीकरण कराना पड़ता था। इसी तरह, वाहन की फिटनेस में चूक होने पर 50 रुपये पेनाल्टी लगनी शुरू हो जाती थी। वहीं, रजिस्ट्रेशन में देरी पर कुल शुल्क का पांच फीसदी विलंब शुल्क जमा करना होता था। वाहन स्वामियों और डीएल धारकों की इस समस्या को संज्ञान में लेते हुए परिवहन विभाग ने विलंब शुल्क समाप्त कर दिया है। इससे वाहन स्वामियों के साथ डीएम धारकों को काफी राहत मिलेगी। इस संबंध में प्रदेश सरकार के अनुसचिव आशुतोष चंद्र पांडेय ने आदेश जारी कर दिए है। एआरटीओ प्रशासन मुहम्मद कय्यूम ने बताया कि शासन के निर्देश पर डीएल नवीनीकरण, वाहन फिटनेस और रजिस्ट्रेशन का विलंब शुल्क समाप्त कर दिया गया है। पहले दोनों सेवाओं के लिए आवेदकों को विलंब शुल्क जमा करना होता था। इसके लिए कार्यालय का सॉफ्टवेयर भी अपडेट करा लिया गया है।