अफसरों ने मिलीभगत कर गरीबों के हक का पैसा अमीरों को आशियाना बनाने के लिए दे दिया। शिकायत के बाद जांच हुई तो इसका खुलासा हुआ। अब सीडीओ ने संबंधित तहसील के एसडीएम और बीडीओ को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। उन्होंने अपात्रों को दिए गए धन की रिकवरी का दावा भी किया है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आवास योजना के तहत जनपद में 797 आवासों का निर्माण होना है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए विकास खंड वार बेघर गरीबा से आवेदन मांगे गए थे। आवेदन पत्रों के क्रम में लाभार्थियों के चयन की जिम्मेदारी एसडीएम और बीडीओ को दी गई। एसडीएम और बीडीओ ने ऐसे परिवारों को पात्रता चोला ओढ़ा दिया जिनके पास पहले से ही घर दुकान मौजूद थे।
एसडीएम एवं बीडीओ की रिपोर्ट के आधार पर ग्राम्य विकास विभाग की ओर से पात्रों के बैंक एकाउंट में 1.75 लाख रुपये के हिसाब से 24.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। धनराशि ट्रांस्फर होने के बाद ग्रामीणों ने सीडीओ से शिकायत कर दी। सीडीओ ने पुन: जांच कराई तो गड़बड़ी सामने आ गई।
ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों ने वाकई ऐसे 14 अपात्र परिवारों के एकाउंट में आवास का पैसा ट्रांसफर कर दिया जिनके पास पहले ये ही मकान मौजूद थे। इसी से खफा सीडीओ ने संबंधित तहसील के एसडीएम और बीडीओ को नोटिस भेज जवाब मांगा है। जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
14 अपात्र परिवारों के खातों में लोहिया आवास योजना के तहत धनराशि ट्रांसफर कर दी गई थी। हालांकि जांच में अपात्र परिवारों से पैसा रिकवर कर लिया गया है। संबंधित एसडीएम और बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। - जसजीत कौर, सीडीओ