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तीसरे दिन भी बच्ची का नहीं लगा सुराग 19-14-23

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तीसरे दिन भी नहीं लगा बच्ची का सुराग
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- पुल का रास्ता बंद कराने के दौरान लोगों ने किया विरोध
- सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पुल बंद कराने के लिए पुलिस से मांगी मदद
अमर उजाला ब्यूरो
ककोड़।
नहर में डूबी बच्ची का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा। गोताखोर और ग्रामीण बच्ची की नहर में तलाश कर रहे हैं। वहीं हादसोें को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा टूटे पुल का रास्ता बंद कराने के दौरान लोगों ने विरोध किया। इसके चलते पुल को बंद कराने गए विभाग के अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा। अधिकारियों ने पुल बंद कराने के लिए पुलिस से मदद मांगी है।
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थाना क्षेत्र के गांव सुनपेड़ा बकसवा निवासी आबिद पुत्र स्वर्गीय छोटन खां अपने व अपने भाई जहीर उर्फ कल्लन के परिवार के छह सदस्यों के साथ बृहस्पतिवार की रात नोएडा से टेपों से गांव आ रहा था। रात करीब 11 बजे सुनपेड़ा के पुल की दीवार टूटी होने के कारण घने कोहरे के चलते टेपों सुनपेड़ा नहर में गिर गया था। आबिद व चालक राहुल ने सभी सदस्यों को बाहर निकाल लिया था, लेकिन आबिद की छह वर्षीय बेटी सनम नहर में डूब गई थी। तीन दिन बाद भी सनम का कोई सुराग नहीं लगा। गोताखोर और ग्रामीण सनम की नहर में तलाश कर रहे हैं। बताया कि जिस स्थान पर टेपों गिरा था, रविवार को वहां से पीड़ित परिवार का एक बैग बरामद हुआ है। वहीं सिचाई विभाग के एसडीओ भुपेश कुमार सुहैरा ने बताया कि भविष्य में हादसों को रोकने के लिए रविवार को जब सिंचाई विभाग के कर्मचारी टूटे हुए पुल का रास्ता बंद कराने के लिए पहुंचे तो लोगों ने विरोध किया। इसके चलते कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ा। एसडीओ ने जेई प्रदीप कुमार के साथ थाने पहुंचकर पुल को बंद कराने के लिए पुलिस से मदद मांगी है। एसओ आनंदवीर सिंह ने बताया कि पुल को बंद कराने का विरोध करने वालों से सख्ती के साथ निपटा जाएगा। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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