पावर कारपोरेशन की लाइन शिफ्ट हो गई और अफसरों से लेकर कर्मचारी तक सभी अनजान बनें हैं। रातोंरात लाइन को किसने शिफ्ट कर दिया, किसी को पता नहीं है। जब मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो भूमि स्वामी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर खुद को बचाने का प्रयास किया गया है।
सवाल यह है कि क्या ऐसा संभव है कि कारपोरेशन की लाइन शिफ्ट हो जाए और किसी को भनक न लगे। पावर कारपोरेशन के सिकंदराबाद खंड के अंतर्गत जेल के आसपास एक प्लॉट के उपर से जा रही 11 केवीए लाइन को रातोंरात शिफ्ट कर दिया गया।
ताज्जुब इस बात का है कि लाइन को शिफ्ट किए हुए कई दिन बीत गए , लेकिन अफसरों से लेकर कर्मचारी तक किसी को भनक नहीं लगी। मामला जब उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो एक्सईएन से लेकर एसडीओ और जेई से लेकर लाइनमैन तक सभी अनभिज्ञता जताने लगे।
इस पर एसई ने अफसरों को कड़ी लताड़ लगाते हुए पूछा कि क्या फिर लाइन को कौन शिफ्ट कर गया। एसई ने एक्सईएन सिकंदराबाद को पूरे मामले की जांच के निर्देश देते हुए रिपोर्ट तलब की है। इसके अलावा एक्सईएन सिकंदराबाद के निर्देश पर जेई ने प्लाट स्वामी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसके प्लाट के ऊपर से लाइन हटवाई गई है।