अनूपशहर क्षेत्र के खेतों में भरा गंगा का जलस्तर। संवाद
अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा के जलस्तर में एक बार फिर से बढ़ोतरी की आशंका है। बिजनौर बैराज से शनिवार सुबह 1.08 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि अभी भी खेतों और खादर में पानी भरा हुआ है। गंगा का कटान भी जारी है। नरौरा बैराज पर शनिवार जलस्तर मीडियम फ्लड श्रेणी में रहा।
पिछले दिनों गंगा के बढ़े जलस्तर से मोहल्ला गंगा द्वार की आबादी प्रभावित हुई थी। खादर क्षेत्र के लगभग 10 गांवों की खादर क्षेत्र की फसलें जलमग्न हो गई थीं। किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। किसानों ने सरकार से फसल का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता की मांग की है।
इस समय अनूपशहर में गंगा आरती प्लेटफॉर्म से पानी काफी उतर गया है। जलस्तर कम होने पर सभी ने राहत की सांस ली है। वहीं, किसानों को अभी भी अपनी फसलों की चिंता सता रही है। किसान रवि और प्रेमपाल का कहना है कि खेतों में पानी भरा होने के कारण सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है। अन्य फसलों को भी नुकसान हो रहा है।
वहीं दूसरी ओर सिंचाई विभाग ड्रेनेज के जेई उमेश कुमार ने बताया कि शनिवार को बिजनौर बैराज से 1.08 लाख क्यूसेक और पानी छोड़ा जाने से जलस्तर में कुछ वृद्धि हो सकती है। एसडीएम अनूपशहर प्रियंका गोयल ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। दूसरी ओर गंगा बैराज पर अभी जलस्तर मीडियम फ्लड की श्रेणी में चल रहा है।
नरौरा बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि शनिवार को बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 161454 क्यूसेक पानी की जा रही है। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7030 व पीएलजीसी नहर 4939 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।