पहासू में बिजली घर पर धरना प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
पहासू। क्षेत्र के लालनेर गांव में बुधवार दोपहर को मकान की छत पर गई दस वर्षीय बच्ची हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलस गई। घटना के विरोध में परिजन व ग्रामीणों ने बिजली घर का घेराव करते हुए धरना प्रदर्शन किया। ऊर्जा निगम के अधिकारियों से हाईटेंशन लाइन शिफ्ट करने की मांग की गई।
लालनेर गांव निवासी बच्चू सिंह ने बताया कि वह खेती कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। बुधवार दोपहर को उनकी दस वर्षीय बच्ची लक्ष्मी मकान की निर्माणाधीन छत पर गई, जिसके ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। तभी लक्ष्मी हाईटेंशन लाइन के चपेट में आ गई और झुलसकर छत पर गिर गई। चीख सुनकर अन्य लोग वहां आ गए, जिन्होंने पीड़ित को जानकारी दी।
परिजन व ग्रामीण घायल को पहासू के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे और बच्ची को भर्ती कराया। वहीं, गुस्साए ग्रामीण बिजली घर पहुंचे तो ऊर्जा निगम के कर्मचारी वहां से भाग गए। इसके बाद ग्रामीण वहीं धरने पर बैठ गए। शाम पांच बजे जेई मौके पर पहुंचे, जिन्होंने तार को शिफ्ट कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
गांव में पहले भी हो चुके हैं हादसे
लक्ष्मी के भाई शिव का कहना है कि गांव में पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं। तीन साल पहले बिजली के तार की चपेट में आने से किसान अतर सिंह की मौत हो गई थी और दो साल पहले तालाब में करंट उतरने से एक भैंस की मौत हो गई थी।
इसके बावजूद निगम की ओर से कोई सतर्कता नहीं बरती गई। पहासू क्षेत्र के अल्लीपुर गांव में दो महीने पहले हाईटेंशन लाइन टूटकर गिर गई थी, जिसमें सगे भाई-बहन झुलस गए थे।
कोट :-
विद्युत लाइन की ऊंचाई बढ़ाने के लिए नए खंभे लगाए जाएंगे। इसके बाद मकान से तारों की दूरी हो जाएगी। ग्रामीणों से अपील की गई है कि विद्युत लाइन शिफ्ट कराने के बाद ही मकान का निर्माण कार्य कराएं, जिससे जनहानि से बचा जा सके।
- उदित कुमार जयसवाल, एसडीओ