आम के बाग में आंधी में गिरे आम को एकत्र करता उत्पादक। संवाद
बुलंदशहर। अच्छे उत्पादन की उम्मीद लगाए बैठे बागवानों की उम्मीदों पर आंधी और बारिश पानी फेर रही है। रविवार सुबह आई आंधी में 10 फीसदी कच्चे आम पेड़ों से गिर गए। आम उत्पादकों का कहना है कि आंधी और बारिश से लगातार नुकसान हो रहा है। यही हाल रहा तो इस बार लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा। आंधी से गिरे आमों को अच्छे खरीदार भी नहीं मिल पाते। अब तक 60 फीसदी फसल खराब हो चुकी है।
स्याना-बुगरासी क्षेत्र में आम की बागवानी की जाती है। स्याना का आम जिले के अलावा देश और विदेशों में भी भेजा जाता है। आम उत्पादकों को इस बार आम की बंपर पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बार-बार आ रही आंधी-बारिश से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। रविवार सुबह फिर बिगड़े मौसम के मिजाज ने उत्पादकों की परेशानी बढ़ा दी। आम उत्पादकों के अनुसार पहली आंधी में 20 फीसदी, दूसरी बार आई आंधी में 30 फीसदी और रविवार सुबह आई आंधी में 10 फीसदी आम जमीन पर गिर पड़े। आंधी से अब तक 60 प्रतिशत से अधिक आम पेड़ से टूटकर जमीन पर गिर गया है। आम उत्पादक आरिफ सईद खान ने बताया कि इस बार पेड़ों पर बोर अच्छा आया था। लेकिन लगातार आंधी से आम को काफी नुकसान हो रहा है। पेड़ों पर बहुत कम आम बचा है। अगर अब आंधी आई तो आम की खेती करने वाले किसानों को नुकसान हो जाएगा।