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Bulandshahar News: बवंडर से 10 बिजली के खंभे टूटे, तीन गांवों की आपूर्ति हुई बाधित

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नरौरा। क्षेत्र के गांव जरगवां, धारकपुर और बझेड़ा में शुक्रवार देर शाम को अचानक आए करीब 15 मिनट के बवंडर को देख ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। बवंडर की चपेट में आने से 10 बिजली के खंभे टूट गए, 24 पेड़ उखड़ गए और एक मुर्गा फार्म की दीवार गिर गई। खंभे गिरने से तीन गांवों बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ग्रामीणों के अनुसार ऐसा बवंडर कभी नहीं देखा। गनीमत यह रही कि किसी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।
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पिछले कई दिन से आंधी के साथ तेज हवा चल रही है। बताया कि शुक्रवार देर शाम चली तेज हवा के चलते गांव जरगवां के एक बाग में हवा का बवंडर बन गया। इसे देखकर लोगों में भगदड़ मच गई। बवंडर यहां से उड़कर गांव धारकपुर, बझेड़़ा और गांव नगला गगर्वी की ओर बढ़ गया। इसकी चपेट में आने से बाग बाग समेत रास्ते में आए गांव बझेड़ा के पूर्व प्रधान अशोक कुमार के 24 पेड़ उखड़ गए और 10 बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। कई स्थानों पर लगे टीन शेड भी उड़ गए। ग्राम धारकपुर में अमर सिंह के मुर्गा फार्म की दीवार गिरने से छत टूट गई। खंभे टूटने से तीन गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिसे शनिवार पूरा दिन विद्युत कर्मी सुचारू करने में जुटे रहे। ऊर्जा विभाग के जेई प्रवीन कुमार ने बताया कि कुल 10 बिजली के खंभे टूटने के साथ केबिल क्षतिग्रस्त हुई है। जरगवां की बिजली आपूर्ति चालू कर ली गई है। नगला शुमाली नगला विधि व नगला कोठी की आपूर्ति अभी ठप है। जिस पर कार्य चल रहा है। शनिवार पूरा दिन इस बवंडर की क्षेत्र में खूब चर्चा रही।
पहले भी आ चुके हैं ऐसे बवंडर
नरौरा क्षेत्र में इस तरह का बवंडर पहली बार नहीं आया है। इससे पहले भी जिले के औरंगाबाद और स्याना समेत कई स्थानों पर इस तरह के बवंडर आते रहे हैं। इससे लोगों का काफी नुकसान भी हुआ था। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. विवेक राज का कहना है कि हवा का अधिक दबाव होने के कारण ऐसे बवंडर बन जाते हैं। यह कई बार इतना उग्र रूप धारण कर लेते हैं कि इसकी चपेट में आने वाले पेड़ समेत अन्य सभी को अपने चपेट में ले लेता है।
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